बांग्लादेश में हिंसा और विरोध-प्रदर्शन जारी, शरीफ हादी की मौत ने फैलाई तनाव की लहर

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Published On: 20 December 2025

बांग्लादेश में छात्र और युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं। ढाका सहित अन्य शहरों में उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं। स्थिति को देखते हुए अंतरिम सरकार ने हादी की नमाज-ए-जनाजा में सुरक्षा कड़ी कर दी है। यह जनाजा संसद भवन के दक्षिण में मानिक मिया एवेन्यू में आयोजित होगा, जहां सुरक्षा कारणों से इलाके में आवागमन सीमित कर दिया गया है और अतिरिक्त पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है।

बांग्लादेश में शरीफ उस्मान हादी की मौत और हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। सरकार ने हादी की जनाजे के कार्यक्रम में बदलाव करते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी है। दीपू दास हत्याकांड में सात लोग गिरफ्तार किए गए हैं, लेकिन इस मामले में कार्रवाई की गति और गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं।

 

ढाका में हादी हत्या के बाद बढ़ा तनाव

इंकिलाब मंचो के संयोजक उस्मान हादी को ढाका के बिजयनगर इलाके में रिक्शे में सफर करते समय गोली मार दी गई। गंभीर हालत में उन्हें 15 दिसंबर को सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। हादी की मौत के बाद ढाका में विरोध-प्रदर्शन भड़क उठे और शव राजधानी लाए जाने पर कई चरणों में प्रदर्शन हुए। न्याय की मांग तेज होने के बावजूद, इंकिलाब मंचो ने जनाजे के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

 

हिंदू समुदाय ने घटना की निंदा की

बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के भालुका इलाके में हिंदू गारमेंट वर्कर दीपू चंद्र दास की कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और शव को पेड़ से लटका कर आग लगा दी गई। घटना की कड़ी निंदा बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई यूनिटी काउंसिल ने की और इसे सांप्रदायिक सौहार्द को तोड़ने वाला कृत्य बताया। अंतरिम सरकार ने भी बयान जारी कर कहा कि ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के अनुसार रैपिड एक्शन बटालियन (RAB-14) ने इस मामले में सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, लेकिन विपक्ष और मानवाधिकार संगठन इसे दिखावटी कार्रवाई मान रहे हैं।

 

बढ़ा राजनीतिक तनाव

बांग्लादेश में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, जहां कई नागरिक संगठनों ने गृह सलाहकार के इस्तीफे की मांग कर दी है। 16 संगठनों ने सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल होने का आरोप लगाया है। सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार ने जनाजे में भारी सामान या बैग लाने और संसद भवन के आसपास ड्रोन उड़ाने पर रोक लगा दी है। वहीं, ढाका यूनिवर्सिटी में शेख मुजीबुर रहमान हॉल का नाम उस्मान हादी के नाम पर रखने की मांग ने विवाद बढ़ा दिया है, आलोचकों का कहना है कि यह राष्ट्रपिता का अपमान और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाली है।

 

सुरक्षा अलर्ट जारी

बांग्लादेश में शरीफ उस्मान हादी के शव के सिंगापुर से ढाका पहुंचने के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए। शाहबाग चौराहे सहित कई जगहों पर प्रदर्शन तेज हो गए, कुछ स्थानों पर भारत-विरोधी नारे लगाए गए, राजनयिक मिशनों के पास पथराव हुआ और सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो वायरल हुए। सुरक्षा बनाए रखने के लिए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) को एयरपोर्ट, करवान बाजार और होटल इंटरकॉन्टिनेंटल जैसे संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया, जबकि अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की।

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