राजधानी भोपाल में शनिवार को पुलिस विभाग की एक अहम प्रक्रिया पूरी हुई। एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसएसपी स्तर के अधिकारियों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें लंबे समय से अटकी पदोन्नतियों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस डीपीसी के बाद कई अधिकारियों का वरिष्ठ पदों पर पहुंचना लगभग तय हो गया है। डीपीसी में सबसे वरिष्ठ पद एडीजी को लेकर स्थिति स्पष्ट रही। इस पद के लिए एकमात्र पात्र अधिकारी प्रमोद वर्मा का नाम सामने आया है। सभी औपचारिकताओं के बाद उन्हें एडीजी पद पर पदोन्नत किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय के स्तर पर इसे लगभग अंतिम माना जा रहा है।
डीपीसी में वर्ष 2008 बैच के अधिकारियों को भी बड़ी राहत मिली है। इस बैच के तीन अधिकारी ललित शाक्यवार, शियास ए और जयदेवन ए को आईजी पद पर प्रमोट किए जाने का निर्णय लिया गया है। लंबे समय से ये अधिकारी पदोन्नति की प्रतीक्षा में थे, जिसे अब हरी झंडी मिल गई है।
बड़ी संख्या में प्रमोशन
डीपीसी में सबसे ज्यादा चर्चा डीआईजी पद को लेकर रही। वर्ष 2010 बैच के वे अधिकारी, जो पहले डीआईजी नहीं बन पाए थे, उन्हें इस बार डीपीसी में शामिल किया गया। इसके साथ ही वर्ष 2011 का पूरा बैच और वर्ष 2012 बैच में विकास पाठक तक के अधिकारी डीआईजी पद के लिए चयनित किए गए हैं। इस श्रेणी में कुल 20 अधिकारियों को डीआईजी बनाए जाने की सहमति बनी है।
पुलिस विभाग में वरिष्ठ पदों पर लंबे समय से रिक्तियां बनी हुई थीं, जिससे प्रशासनिक कामकाज और फील्ड स्तर की कमान पर असर पड़ रहा था। डीपीसी के जरिए इन रिक्त पदों को भरने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे पुलिस व्यवस्था में संतुलन आने और निर्णय प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
आदेश जारी होने का इंतजार
हालांकि डीपीसी में नामों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन औपचारिक पदोन्नति आदेश जारी होना अभी बाकी है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में गृह विभाग की ओर से प्रमोशन से जुड़े आदेश जारी कर दिए जाएंगे। वरिष्ठ अधिकारियों के प्रमोशन से पुलिस महकमे में नई ऊर्जा आने की बात कही जा रही है। अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर मिली यह जिम्मेदारी आने वाले समय में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मजबूती में अहम भूमिका निभा सकती है।
