अक्सर लोग होंठों पर पपड़ी जमने को पानी की कमी, ठंडे मौसम या सामान्य रूखेपन का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे और ठीक न हो, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार पपड़ी जमना, दर्द होना या घाव का लंबे समय तक न भरना होंठों के कैंसर के शुरुआती लक्षणों में शामिल हो सकता है। सर्दियों में त्वचा पहले से ही ड्राई हो जाती है और लापरवाही के कारण होंठ फटने लगते हैं, जो शुरुआत में सामान्य लगता है, लेकिन लगातार समस्या बने रहने पर सावधानी जरूरी है।
होंठों पर पपड़ी जमना अक्सर शाम को रूखे मौसम, पानी की कमी या होंठों का बार-बार चाटना जैसी साधारण वजहों से होता है। लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे और ठीक न हो, तो यह शरीर में किसी गंभीर स्थिति की ओर इशारा भी कर सकती है, इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
न करें नजरअंदाज
होंठों का कैंसर (Lip Cancer) एक प्रकार का सौम्य नहीं बल्कि गंभीर रोग है, जिसमें होंठ की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और एक ऐसा घाव या गांठ बन जाती है जो समय के साथ खुद-ब-खुद ठीक नहीं होती। यह बीमारी आमतौर पर होंठ के निचले हिस्से में ज्यादा पाई जाती है और धीरे-धीरे विकसित होती है, इसलिए इसके शुरुआती लक्षणों को समय पर पहचानना और इलाज शुरू करना आवश्यक होता है ताकि बीमारी और बढ़ने से रोकी जा सके।
होंठों के कैंसर के लक्षण
- होंठों का कैंसर अक्सर शुरुआती दौर में सामान्य समस्या जैसा लगता है, इसलिए लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं।
- इसके शुरुआती लक्षणों में सबसे पहले होंठ पर ऐसा घाव या गांठ बनना शामिल है जो लंबे समय तक ठीक न हो।
- इसके अलावा होंठों पर लाल या सफेद रंग के धब्बे दिखाई देना भी एक चेतावनी संकेत हो सकता है।
- अगर होंठों पर बार-बार मोटी और सख्त पपड़ी जम रही है और वह सामान्य उपचार से भी ठीक नहीं हो रही, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
- ऐसे लक्षण दिखने पर समय रहते डॉक्टर से जांच कराना जरूरी होता है, ताकि बीमारी का पता शुरुआती अवस्था में ही लग सके।
क्यों होता है यह कैंसर
होंठों का कैंसर कई कारणों से हो सकता है। लगातार धूम्रपान करना या तंबाकू-गुटखा खाने से होंठों की कोशिकाओं को गंभीर नुकसान पहुंचता है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा लंबे समय तक तेज धूप में रहने से होंठों पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। शराब का अधिक सेवन और केमिकल युक्त कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का लगातार इस्तेमाल भी होंठों के कैंसर की आशंका को बढ़ा सकता है।
ठीक होने के उपाय
- अगर होंठों के कैंसर की समय रहते पहचान हो जाए, तो इसका इलाज संभव है।
- शुरुआती स्टेज में सर्जरी और रेडिएशन थेरेपी के जरिए इस बीमारी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
- यही वजह है कि होंठों पर लंबे समय तक ठीक न होने वाला घाव, किसी तरह की गांठ या बार-बार पपड़ी जमने जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
- ऐसे संकेत दिखाई देने पर बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
- ताकि समय रहते जांच और सही इलाज शुरू किया जा सके
