दुनिया भर में शराब पीने की आदतें अलग‑अलग हैं और संस्कृति, परंपरा, सामाजिक‑आर्थिक स्थितियों के आधार पर बदलती हैं। 2025 के वैश्विक आंकड़ों के अनुसार यूरोप के कई देशों में प्रति व्यक्ति शराब की खपत काफी अधिक है, जिसमें सबसे ऊपर लैटविया है, जहां औसतन लगभग 13.19 लीटर शराब प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष पी जाती है, जिससे यह दुनिया में प्रति व्यक्ति शराब खपत का शीर्ष स्थान रखता है। वहीं भारत इस सूची में कहीं नीचे है, जहाँ प्रति व्यक्ति शराब की खपत अन्य पश्चिमी देशों के मुकाबले कम है और यूरोपीय देशों की तुलना में काफी कम रहा है।
दुनिया भर में शराब पीने की आदतें देश-दर-देश अलग हैं। कुछ देशों में यह संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है, तो कुछ में सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियाँ इस पर असर डालती हैं। इस सूची में एक यूरोपीय देश प्रति व्यक्ति शराब की खपत में सबसे आगे है, जबकि भारत इस मामले में अपेक्षाकृत पीछे है।
रोमानिया शराब पीने में सबसे आगे
वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू 2025 के अनुसार, प्रति व्यक्ति शराब खपत के मामले में रोमानिया दुनिया में सबसे आगे है, जहां औसत व्यक्ति सालाना लगभग 17 लीटर शराब पीता है। यहां शराब को सामाजिक मेलजोल और मेहमाननवाजी का प्रतीक माना जाता है, और यह शादियों, त्योहारों, पारिवारिक कार्यक्रमों और यहां तक कि अंतिम संस्कारों में भी परोसी जाती है, जिससे इसका सेवन समाज में सामान्य और प्रोत्साहित माना जाता है।
घर में बनी शराब बढ़ा रही खपत
रोमानिया में शराब की बढ़ती खपत का मुख्य कारण घर में बनाई जाने वाली पारंपरिक शराब है। ग्रामीण इलाकों में बेर या अंगूर से बनी ‘तुइका’ नियमित रूप से पी जाती है। इसके अलावा देश में शराब बनाने का लंबा इतिहास, शराब की सस्ती कीमत और बिना टैक्स या अवैध शराब की आसानी से उपलब्धता भी खपत बढ़ाने में योगदान दे रही है।
जानें भारत की स्थिति
भारत में प्रति व्यक्ति सालाना शराब की खपत करीब 3.02 से 4.98 लीटर के बीच है, जो रोमानिया और अधिकांश यूरोपीय देशों की तुलना में काफी कम है। बावजूद इसके, पिछले कुछ वर्षों में देश में शराब की खपत तेजी से बढ़ी है, खासकर शहरी क्षेत्रों में युवाओं और कामकाजी वर्ग में इसका चलन लगातार बढ़ता देखा जा रहा है।
