कश्मीर में 40 दिन तक चलने वाली कड़ाके की सर्दी का दौर, जिसे चिल्ला-ए-कलां कहा जाता है, जो आज रात से शुरू हो गया है। इसके साथ ही पूरी घाटी में मौसम के मिज़ाज में बड़ा बदलाव देखने को मिला। चिल्ला-ए-कलां की शुरुआत ताज़ी बारिश के साथ हुई, जिससे लंबे समय से जारी सूखे, घने कोहरे और धुंध से राहत मिली। हाल के दिनों में इन्हीं हालात के कारण हवा की गुणवत्ता काफी खराब हो गई थी, लेकिन बारिश के बाद मौसम साफ हुआ और एयर क्वालिटी में भी सुधार दर्ज किया गया।
कश्मीर में चिल्ला-ए-कलां की शुरुआत के साथ ही मौसम में बदलाव आया और ताजी बारिश हुई। इससे घाटी में लंबे समय से जारी सूखे, कोहरे और धुंध वाले हालात से राहत मिली।
शुरू हुई बर्फबारी
जम्मू-कश्मीर में चिल्ला-ए-कलां की शुरुआत के साथ ही मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने ताजा चेतावनी जारी की है कि ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है, जिससे जनजीवन और यात्रा प्रभावित हो सकती है। लोगों को सुरक्षित रहने और जरूरी सावधानियाँ बरतने की सलाह दी गई है।
ठंड जारी
कश्मीर के ऊंचे इलाकों में ताज़ी बर्फ़बारी और मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर बारिश ने मौसम को तरोताजा कर दिया है। बारिश और बर्फबारी से हवा की क्वालिटी में सुधार हुआ है, खासकर शहरी क्षेत्रों में जहाँ कोहरा और स्मॉग गहरा था। मौसम अधिकारियों के अनुसार अगले 48 घंटों में भी ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है, और पूरे क्षेत्र में ठंड बनी रहने की उम्मीद है।
सावधानी बरतने की सलाह
अधिकारियों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर उन इलाकों में जहां बर्फबारी होती है। चिल्ला-ए-कलां के दौरान कश्मीर में बेहद ठंड, बर्फीली रातें और भारी बर्फबारी का अनुभव होता है। यह सर्दियों का सबसे ठंडा समय 40 दिनों तक रहेगा, जिसके बाद चिल्ला-ए-खुर्द और चिल्ला-ए-बच्चा के हल्के मौसम का दौर शुरू होगा।
