दिल्ली कैबिनेट की अहम बैठक में राजधानी में लगातार बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में वायु प्रदूषण पर सख्ती से लगाम लगाने के लिए कड़े कदम उठाने, निर्माण गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और ट्रैफिक से होने वाले प्रदूषण को कम करने पर जोर दिया गया। सरकार ने साफ तौर पर कहा कि पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। साथ ही, सड़कों, सार्वजनिक परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नई योजनाओं को मंजूरी दी गई।
दिल्ली कैबिनेट की अहम बैठक में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कई कड़े और दूरगामी फैसले लिए गए। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि अब राजधानी में बसों का संचालन पूरी तरह दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के तहत किया जाएगा, जिससे सार्वजनिक परिवहन को और मजबूत किया जा सके।
बसों के संचालन में बदलाव
दिल्ली सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े कदम उठाते हुए होलंबी कलां में 11.5 एकड़ में फैले एक हाईटेक ई-वेस्ट प्लांट लगाने का फैसला किया है, जो 0% पानी की बर्बादी के सिद्धांत पर काम करेगा और राजधानी में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के वैज्ञानिक व पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन को सुनिश्चित करेगा। इसके साथ ही सरकार ने दिल्ली के जल संसाधनों को सहेजने के लिए 1,000 से अधिक जल निकायों में से अपने अधीन आने वाले 160 जल निकायों के कायाकल्प के लिए ₹100 करोड़ का बजट मंजूर किया है, जिससे इन जल निकायों को नया जीवन देने और पर्यावरण संतुलन सुधारने में मदद मिलेगी।
दिल्ली सरकार ने उठाया कदम
दिल्ली सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े कदम उठाते हुए होलंबी कलां में 11.5 एकड़ में फैले एक हाईटेक ई-वेस्ट प्लांट लगाने का फैसला किया है, जो 0% पानी की बर्बादी के सिद्धांत पर काम करेगा और राजधानी में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के वैज्ञानिक व पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन को सुनिश्चित करेगा। इसके साथ ही, सरकार ने दिल्ली के जल संसाधनों को सहेजने के लिए 1,000 से अधिक जल निकायों में से अपने अधीन आने वाले 160 जल निकायों के कायाकल्प के लिए ₹100 करोड़ का बजट मंजूर किया है, जिससे इन जल निकायों को नया जीवन देने और पर्यावरण संतुलन सुधारने में मदद मिलेगी।
बिना PUCC नहीं मिलेगा पेट्रोल
दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती जारी रखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है कि अब बिना वैध PUCC सर्टिफिकेट के किसी भी वाहन को पेट्रोल नहीं मिलेगा, भले ही GRAP हट चुका हो। जांच के दौरान 12 PUCC सेंटरों में गड़बड़ी पाए जाने पर उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया गया, वहीं प्रदूषण फैलाने वाली 800 से ज्यादा फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद करने के आदेश दिए गए। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने 411 इंडस्ट्रीज को क्लोजर नोटिस जारी किया, जबकि नगर निगम ने 400 उद्योगों को सील किया है।
इन फैसलों का मकसद राजधानी में वायु और जल प्रदूषण को कम करना है, साथ ही सार्वजनिक परिवहन, जल निकायों की सुरक्षा, ई-वेस्ट प्रबंधन और औद्योगिक प्रदूषण पर सख्ती सुनिश्चित करना है। सरकार ने साफ कर दिया है कि पर्यावरण और नागरिकों की सेहत के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
