पन्ना जिला मुख्यालय में आयोजित सांसद खेल महोत्सव का समापन अभी ठीक से खत्म भी नहीं हुआ था कि एक बड़ा घटनाक्रम सामने आ गया। समारोह के बाद कटनी जिले से गई छह महिला खिलाड़ी अचानक बीमार पड़ गईं। देर शाम उनकी तबीयत बिगड़ने पर सभी को सीधे कटनी जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिससे आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए।
जानकारी के मुताबिक, कटनी जिले से करीब 40 से 50 खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पन्ना पहुंचे थे। कबड्डी खिलाड़ी साहिब खान ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान ही एक खिलाड़ी की तबीयत खराब हो गई थी, जिसे पन्ना में प्राथमिक इलाज दिया गया। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यह शुरुआत भर है।
बस में बिगड़ता गया हाल
जब प्रतियोगिता के बाद टीम बस से कटनी लौट रही थी, तभी रास्ते में अन्य खिलाड़ियों को भी उल्टी और पेट दर्द की शिकायत शुरू हो गई। हालत बिगड़ती देख बस को सीधे कटनी जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने सभी बीमार खिलाड़ियों को भर्ती कर इलाज शुरू किया। प्रतियोगिता में शामिल मुस्कान सिंह ने आयोजन समिति पर अव्यवस्था का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सुबह पूरी-सब्जी और शाम को दाल-चावल परोसा गया था। भोजन करने के कुछ समय बाद ही कई खिलाड़ियों को परेशानी होने लगी। खिलाड़ियों का दावा है कि खाने की गुणवत्ता ठीक नहीं थी।
इन खिलाड़ियों को कराया गया भर्ती
बीमार पड़ने वाली महिला खिलाड़ियों में सविता सिंह, शिवानी साहू, साक्षी चौधरी, कंचन चौधरी, महक बर्मन और रुक्मणी शामिल हैं। सभी खिलाड़ी कटनी जिले की रीठी तहसील क्षेत्र की रहने वाली हैं। फिलहाल सभी अस्पताल में निगरानी में रखी गई हैं। कटनी जिला अस्पताल के सिविल सर्जन यशवंत वर्मा ने बताया कि अस्पताल पहुंचते ही सभी खिलाड़ियों का इलाज शुरू कर दिया गया था। उन्होंने फूड पॉइजनिंग की आशंका से इनकार करते हुए कहा कि अधिक शारीरिक थकान और ठंड के असर से भी ऐसी स्थिति बन सकती है। राहत की बात यह है कि सभी की हालत अब स्थिर है।
पहले से विवादों में घिरा था आयोजन
यह खेल महोत्सव पहले ही विवादों के घेरे में रहा है। बुधवार को कटनी के कुछ खिलाड़ियों ने स्थानीय भाजपा नेताओं पर बदसलूकी और भेदभाव के आरोप लगाए थे। खिलाड़ियों का कहना था कि विरोध करने पर उनके साथ अभद्र भाषा और धक्का-मुक्की की गई। इस पूरे घटनाक्रम पर युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पहले खिलाड़ियों का अपमान किया गया और अब बच्चियों की तबीयत खराब हो गई। उनके मुताबिक यह खिलाड़ियों के सम्मान और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
