नितिन गडकरी ने नया टोल प्लान किया लॉन्च, लंबी कतारों को कहें अलविदा; बिना रुके यात्रा होगी आसान

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Published On: 30 December 2025

नए साल की शुरुआत के साथ देशवासियों को सड़क यात्रा में बड़ी राहत मिलने वाली है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से छुटकारा दिलाने के लिए आधुनिक कैमरा बेस्ड टोलिंग सिस्टम (ANPR) का रोडमैप तैयार किया है। इस तकनीक के लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर लगे कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्वतः पहचान लेंगे और बिना गाड़ी रोके या धीमी किए टोल शुल्क वसूल लिया जाएगा, जिससे यात्रा तेज, सुगम और समय की बचत वाली हो जाएगी।

नए साल की शुरुआत के साथ देशवासियों को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत दिलाने के लिए आधुनिक कैमरा बेस्ड टोलिंग सिस्टम (ANPR) लागू करने का रोडमैप तैयार किया है।

नया टोल प्लान

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों को खत्म करने के लिए नया प्लान तैयार किया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, सरकार का लक्ष्य टोल पर Waiting Time को शून्य मिनट तक लाना है। इसके लिए MLFF (मल्टी लेन फ्री फ्लो) तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे एक्सप्रेसवे से धीरे-धीरे फिजिकल टोल बैरियर हटाए जाएंगे। वहीं, हाईवे पर हाई-रेजोल्यूशन ANPR कैमरे लगाए जाएंगे जो 80 किमी/घंटा की रफ्तार से चलती गाड़ियों की नंबर प्लेट भी स्कैन कर सकेंगे। इसके बाद गाड़ियों का नंबर प्लेट सीधे FASTag और बैंक खाते से लिंक होगा और टोल भुगतान ऑटोमैटिक तरीके से हो जाएगा।

लाइनों को कहे अलविदा

नए साल से टोल प्लाजा पर लंबी लाइनों से छुटकारा दिलाने के लिए आधुनिक कैमरा बेस्ड टोलिंग सिस्टम (ANPR) की शुरुआत उन एक्सप्रेसवे और हाईवे से होगी जहां वाहनों का दबाव सबसे अधिक है। इसका ट्रायल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इस सिस्टम के तहत, व्यस्त शहरों जैसे दिल्ली-एनसीआर और मुंबई को जोड़ने वाले हाईवे पर टोल प्लाजा कम किए जाएंगे और कैमरा आधारित सिस्टम लगाया जाएगा।

देश को होंगे बड़े फायदे

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नए डिजिटल टोलिंग सिस्टम से देश को बड़े आर्थिक फायदे होने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार इस तकनीक से सालाना लगभग 1,500 करोड़ रुपये का ईंधन बच सकता है, क्योंकि वाहनों को टोल पर रुककर इंजन चालू रखने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा, टोल चोरी पर अंकुश लगने से सरकारी राजस्व में करीब 6,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी भी होने की संभावना है।

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