इंदौर में नए साल से पहले पुलिस की सख्ती ने बड़ा राज खोल दिया। सोमवार देर रात कनाड़िया थाना क्षेत्र में चल रही नियमित वाहन चेकिंग अचानक करोड़ों की बरामदगी में बदल गई। पुलिस ने एक कार को रोका, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि डिक्की खुलते ही नोटों का अंबार सामने आ जाएगा। पुलिस ने टाटा नेक्सॉन कार को जांच के लिए रोका। कार में सवार तीन युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब पुलिस ने डिक्की खुलवाई तो एक बड़े बैग में 1 करोड़ 18 लाख रुपए नगद रखे मिले। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी कुछ पल के लिए हैरान रह गए।
कार में बैठे युवकों ने खुद को राजेश यादव, प्रभात अग्रवाल और आनंद बताया। पूछताछ में उन्होंने कहा कि यह कार और कैश किसी प्लायवुड कारोबारी सनद अग्रवाल का है। उनके मुताबिक, मालिक ने यह बैग उन्हें दिया था और फार्म हाउस तक पहुंचाने के निर्देश दिए थे।
अधिकारियों की एंट्री
करोड़ों की नगदी मिलने की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने तुरंत पूरी रकम जब्त कर ली। जब कारोबारी सनद अग्रवाल से संपर्क किया गया, तो उन्होंने पैसों के स्रोत को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी, जिससे शक और गहरा हो गया। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और उसके संतोषजनक दस्तावेज न मिलने पर पुलिस को हवाला लेनदेन की आशंका है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि कारोबारी की दो कंपनियां हैं, जिनका कारोबार प्लायवुड और फैब्रिक से जुड़ा है। अब यह पैसा वैध लेनदेन का है या किसी गैरकानूनी नेटवर्क का हिस्सा, इसकी पड़ताल शुरू हो चुकी है।
न्यू ईयर अलर्ट का असर
दरअसल, 31 दिसंबर को देखते हुए पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर शहर और आउटर इलाकों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अवैध शराब, तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट थी। इसी अभियान के दौरान बिचौली मर्दाना ब्रिज के पास यह बड़ी कार्रवाई सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मंगलवार सुबह इनकम टैक्स विभाग को पूरी जानकारी दे दी। अब आयकर विभाग भी पैसों के स्रोत, टैक्स रिकॉर्ड और कारोबारी गतिविधियों की जांच करेगा।
