सिवनी जिले का पेंच टाइगर रिजर्व नए साल के स्वागत के लिए पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है। जैसे-जैसे नववर्ष नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे जंगल की ओर रुख करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हालात यह हैं कि 5 जनवरी तक पेंच के कोर एरिया में जंगल सफारी की सभी टिकटें पहले ही बिक चुकी हैं। कोर जोन के सभी गेट पूरी तरह हाउसफुल हो चुके हैं। कोर एरिया में बुकिंग नहीं मिलने से कई पर्यटकों को निराशा जरूर हुई है, लेकिन उनके पास बफर एरिया का विकल्प मौजूद है। बड़ी संख्या में पर्यटक अब बफर जोन में सफारी का प्लान बना रहे हैं। इससे बफर जंगलों में भी रौनक बढ़ गई है और सफारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।
बुकिंग के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा मांग जमतरा और टुरिया गेट की रही है। जमतरा गेट छिंदवाड़ा की ओर होने के कारण पर्यटकों के लिए सुविधाजनक माना जाता है। वहीं टुरिया गेट तक नागपुर, जबलपुर, सिवनी और बालाघाट से सीधी और आसान पहुंच होने के कारण यह भी हॉट फेवरेट बना हुआ है। इसके मुकाबले कर्माझिरी गेट तक पहुंचना थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि रास्ते में कई गांव पड़ते हैं।
जेब पर बढ़ा बोझ
सिर्फ सफारी ही नहीं, बल्कि पेंच के आसपास के होटल और रिसॉर्ट भी 5 जनवरी तक लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं। देर से पहुंचने वाले पर्यटकों को अब सीमित विकल्प और ज्यादा दाम चुकाने पड़ रहे हैं। नए साल के चलते ठहरने की दरों में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। नववर्ष की रात को लेकर होटल और रिसॉर्ट संचालक भी पूरी तरह तैयार हैं। 31 दिसंबर की पार्टियों के लिए आबकारी विभाग से शराब परोसने के लाइसेंस के आवेदन शुरू हो चुके हैं। पिछले साल की तरह इस बार भी कई रिसॉर्ट्स ऐसे लाइसेंस लेने की तैयारी में हैं, ताकि पर्यटकों को पूरी तरह से जश्न का माहौल मिल सके।
पर्यटन से बढ़ा रोजगार
नए साल की भीड़ से पेंच क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में भी जान आ गई है। होटल, रिसॉर्ट, जिप्सी चालक, गाइड और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए मौके मिल रहे हैं। कोर के साथ-साथ बफर जोन में बढ़ी गतिविधियों से पार्क प्रबंधन के राजस्व में भी इजाफा हो रहा है। पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह के अनुसार जंगल सफारी के लिए वाहन 5 जनवरी तक पूरी तरह बुक हैं। नए साल की छुट्टियों में बड़ी संख्या में पर्यटक प्राकृतिक वातावरण, बाघ और तेंदुए जैसे वन्यजीवों के दीदार के लिए पेंच में डटे रहेंगे। जंगल इस बार नए साल का सबसे बड़ा जश्न स्थल बन चुका है।
