सर्दियों का मौसम हो और गरमागरम मटर की कचौरी सामने आ जाए, तो दिल अपने आप खुश हो जाता है। उत्तर भारत में मटर की कचौरी सिर्फ एक नाश्ता नहीं, बल्कि एक एहसास है। सुबह की चाय के साथ या दोपहर में चटनी-सब्ज़ी के साथ, इसका स्वाद हर बार खास लगता है। अच्छी बात यह है कि इसे घर पर बनाना बिल्कुल मुश्किल नहीं है। आज इस ब्लॉग में हम बेहद आसान भाषा में सीखेंगे कि घर पर खस्ता और मसालेदार मटर की कचौरी कैसे बनाएं, वो भी ऐसी सामग्री से जो आसानी से भारत में मिल जाती है।
मटर की कचौरी क्या है?
मटर की कचौरी एक डीप फ्राइड नाश्ता है, जिसमें मैदे की खस्ता परत के अंदर मसालेदार हरी मटर की स्टफिंग भरी होती है। खास बात यह है कि इसकी स्टफिंग हल्की मीठी, तीखी और खुशबूदार होती है, जो इसे आम कचौरी से अलग बनाती है।
आवश्यक सामग्री
- मैदा – 2 कप
- नमक – स्वाद अनुसार
- अजवाइन – ½ छोटी चम्मच
- घी या तेल – 3 टेबलस्पून (मोयन के लिए)
- पानी जरूरत अनुसार
- हरी मटर (छिली हुई) – 1 कप
- हरी मिर्च – 1 से 2 (बारीक कटी हुई)
- अदरक – 1 छोटी चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)
- जीरा – 1 छोटी चम्मच
- सौंफ – 1 छोटी चम्मच (दरदरी पिसी हुई)
- धनिया पाउडर – 1 छोटी चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटी चम्मच
- गरम मसाला – ½ छोटी चम्मच
- आमचूर पाउडर – 1 छोटी चम्मच
- नमक स्वाद अनुसार
- तेल – 1 टेबलस्पून
बनाने की विधि
- सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मैदा, नमक और अजवाइन मिलाएं। अब इसमें घी या तेल डालकर अच्छी तरह मसलें, ताकि मोयन सही से सेट हो जाए। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंथ लें। आटे को ढककर 20 मिनट के लिए रख दें।
- हरी मटर को हल्का दरदरा पीस लें। अब एक कढ़ाही में तेल गरम करें, उसमें जीरा डालें। जीरा चटकते ही अदरक और हरी मिर्च डालें। अब पिसी हुई मटर डालकर मध्यम आंच पर भूनें। जब मटर का पानी सूख जाए, तब इसमें सौंफ, धनिया पाउडर, लाल मिर्च, नमक, आमचूर और गरम मसाला डालें। मसाले अच्छी तरह भुन जाएं और मिश्रण सूखा हो जाए, तब गैस बंद कर दें। स्टफिंग को ठंडा होने दें।
- आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। एक लोई लें, थोड़ा बेलें और बीच में मटर की स्टफिंग रखें। किनारों को बंद करके हल्के हाथ से दबाते हुए गोल कचौरी बना लें। ध्यान रखें कि स्टफिंग बाहर न निकले।
- कढ़ाही में तेल गरम करें, लेकिन बहुत तेज नहीं। मध्यम आंच पर कचौरियां डालें और धीमी आंच पर सुनहरी और खस्ता होने तक तलें। बीच-बीच में पलटते रहें। जब कचौरियां अच्छी तरह फूल जाएं और क्रिस्प हो जाएं, तब निकाल लें।
- मटर की कचौरी को हरी चटनी, मीठी चटनी या आलू की सब्ज़ी के साथ परोसें। चाहें तो ऊपर से थोड़ा चाट मसाला भी छिड़क सकते हैं। गरमागरम कचौरी के साथ चाय का मज़ा दोगुना हो जाता है।
टिप्स
- आटा ज्यादा नरम न रखें, वरना कचौरी खस्ता नहीं बनेगी।
- स्टफिंग पूरी तरह सूखी होनी चाहिए।
- तेल ज्यादा गरम होगा तो कचौरी जल्दी ब्राउन हो जाएगी लेकिन अंदर से कच्ची रह सकती है।
- धीमी आंच पर तलना सबसे जरूरी स्टेप है।
