अशोकनगर जिले के पिपरई में 60 वर्षीय कल्लू अहिरवार की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार, चिकमंगलू निवासी कल्लू अहिरवार को रात के समय कुछ व्यक्तियों ने घसीटा और मारपीट की। उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मारपीट के कारण उनका चेहरा सूज गया था और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं।
कल्लू अहिरवार की मौत के बाद परिजनों ने शुक्रवार को रामलीला मैदान के पास शव रखकर चक्काजाम कर दिया। उनका आरोप था कि आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। इस दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया और छोटे वाहन गलियों के रास्ते निकलते रहे।
मौके पर पहुंचे अशोकनगर पुलिस
सूचना मिलने पर थाना प्रभारी ओपी मिश्रा, मुंगावली थाना प्रभारी अरविंद सिंह कछुवाह, सहराई थाना प्रभारी धर्मेश दांगी और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। बाद में मुंगावली एसडीएम इसरार खान भी पहुंचे और वार्ता की। परिजनों के चक्काजाम के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में साफ देखा गया कि कुछ लोग कल्लू अहिरवार के साथ मारपीट कर रहे थे। इस आधार पर पुलिस ने जगदीश कोरी, प्रेमनारायण कोरी, सर्जन कटारिया समेत अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
पहले भी था विवाद
जानकारी के अनुसार, जगदीश कोरी और कल्लू अहिरवार के बीच पहले भी विवाद हुआ था। रात के समय आरोपियों ने कल्लू के प्लॉट पर लकड़ियां डाल दीं, जिससे मामला भड़क गया। कल्लू अहिरवार अकेले थे और तीनों ने मिलकर उन पर हमला किया। एफआईआर में परिजनों ने बताया कि मारपीट के समय मामला शांत हो गया था और दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया था। इसलिए पहले कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी। लेकिन कल्लू अहिरवार की मृत्यु के बाद मामला गंभीर हो गया और पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
अब न्याय की मांग
परिजन और ग्रामीण आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने हत्या के मामले में जांच तेज कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी घटना की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है।
