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नर्मदपुरम से इंदौर तक सियासी हलचल, कांग्रेस का बूथ चलो अभियान और सरकार को खुली चेतावनी

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Published On: 4 January 2026

नर्मदपुरम जिले की निम सड़िया और भिलाखेड़ी पंचायत में कांग्रेस ने ‘बूथ चलो, गांव चलो’ अभियान के तहत जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूती देने की कवायद शुरू की। गांव की चौपाल पर हुए कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि कांग्रेस पंचायत स्तर तक अपनी पकड़ फिर से मजबूत करने के प्रयास में जुट गई है। भिलाखेड़ी ग्राम पंचायत में कांग्रेस कमेटी का औपचारिक गठन किया गया। रंजीत चौधरी को ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। उनके साथ अलग-अलग प्रकोष्ठों में कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपते हुए संगठनात्मक ढांचे को संतुलित रूप दिया गया, ताकि गांव-गांव तक पार्टी की आवाज पहुंच सके।

नवगठित समिति में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, अल्पसंख्यक, किसान कांग्रेस, सोशल मीडिया, बाल कांग्रेस और सेवा दल जैसे सभी प्रकोष्ठों को शामिल किया गया। इससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि कांग्रेस संगठन में हर वर्ग की भागीदारी और आवाज को महत्व दिया जा रहा है।

बढ़ा उत्साह

कार्यक्रम में जिला प्रभारी ओम पटेल, जिला अध्यक्ष शिवकांत पांडे, वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अजय पटेल सहित ब्लॉक, मंडल और पंचायत स्तर के पदाधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने आयोजन को शक्ति प्रदर्शन का रूप दे दिया। इसी दौरान भीलाखेड़ी में किसान संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं और सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताई। कांग्रेस नेताओं ने भरोसा दिलाया कि इन मुद्दों को सड़क से सदन तक उठाया जाएगा।

राजनीतिक हमला

कार्यक्रम के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया। उन्होंने इंदौर में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए मोहन सरकार पर दमनकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। जीतू पटवारी ने साफ शब्दों में कहा कि अगर 11 जनवरी तक कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा नहीं लिया गया तो कांग्रेस इंदौर में प्रदेश-स्तरीय धरना देगी। उन्होंने पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन और भाजपा नेताओं के घरों के सामने लोकतांत्रिक तरीके से घंटा बजाकर विरोध करने का आह्वान किया।

पेयजल मौतों पर सरकार को घेरा

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। पटवारी ने मुआवजे की राशि को अपर्याप्त बताते हुए सवाल किया कि क्या एक इंसान की जान की कीमत इतनी ही है। नर्मदपुरम से शुरू हुआ यह अभियान अब इंदौर तक सियासी तूफान का संकेत दे रहा है। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ उसका संघर्ष और तेज होगा।

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