कभी-कभी सिनेमा ऐसा कमाल कर जाता है कि भाषा, इंडस्ट्री और क्षेत्र की सारी दीवारें अपने आप गिर जाती हैं। कुछ ऐसा ही इस वक्त फिल्म ‘धुरंधर’ के साथ हो रहा है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस स्पाई-एक्शन फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े हैं, बल्कि साउथ के बड़े-बड़े सुपरस्टार्स को भी खुलकर तारीफ करने पर मजबूर कर दिया है।
आज तक हमने यही देखा है कि पैन इंडिया फिल्मों की चर्चा होती है, जो एक साथ कई भाषाओं में रिलीज होती हैं। ‘बाहुबली’, ‘RRR’, ‘KGF’ या ‘पुष्पा’ जैसी फिल्मों को हिंदी दर्शकों का भरपूर प्यार मिला और उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा हिंदी वर्जन से आया। लेकिन ‘धुरंधर’ ने बिना किसी पैन इंडिया टैग के, सिर्फ हिंदी में रिलीज होकर वो कर दिखाया है, जिसकी उम्मीद कम ही लोगों ने की थी।
31 दिनों में ऐतिहासिक कमाई
फिल्म ने महज 31 दिनों में देश में करीब 772 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है। वहीं वर्ल्डवाइड आंकड़ा 1200 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। यह आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं हैं, बल्कि इस बात का सबूत हैं कि कहानी और कंटेंट दमदार हो तो भाषा मायने नहीं रखती। यही वजह है कि अब साउथ सिनेमा के बड़े नाम भी ‘धुरंधर’ की सफलता को नजरअंदाज नहीं कर पा रहे।
तमिल सुपरस्टार सूर्या ने फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया पर जो लिखा, वो सिर्फ औपचारिक तारीफ नहीं लगती। उन्होंने आदित्य धर के काम को मास्टरपीस बताया और फिल्म की टीम को खुलकर सराहा। खास बात यह रही कि उन्होंने आर. माधवन के ट्रांसफॉर्मेशन की अलग से तारीफ की और रणवीर सिंह व अक्षय खन्ना की एक्टिंग को भी यादगार बताया। सूर्या जैसे बड़े स्टार से इस तरह की प्रतिक्रिया मिलना किसी भी फिल्ममेकर के लिए बड़ी बात होती है।
आदित्य धर का जवाब
सूर्या की पोस्ट पर आदित्य धर ने भी बड़े सलीके से जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि सूर्या जैसे कलाकार से मिली सराहना उनके लिए बहुत मायने रखती है और यही बातें उन्हें आगे बेहतर काम करने की प्रेरणा देती हैं। इस पूरे संवाद में कहीं भी दिखावा नहीं था, बस एक कलाकार की दूसरे कलाकार के लिए सच्ची इज्जत नजर आई।
माधवन भी हुए भावुक
‘धुरंधर’ में अजय सान्याल का किरदार निभाने वाले आर. माधवन भी सूर्या की तारीफ से खासे खुश दिखे। उन्होंने अपने जवाब में साफ कहा कि सूर्या और ज्योतिका की ओर से आई बात उनके लिए बहुत खास है। माधवन का यह रिएक्शन बताता है कि इंडस्ट्री के भीतर आपसी सम्मान आज भी जिंदा है। सिर्फ सूर्या ही नहीं, बल्कि अल्लू अर्जुन, अदिवि शेष और निखिल सिद्धार्थ जैसे कलाकारों ने भी ‘धुरंधर’ की कामयाबी को सराहा है। ये वही सितारे हैं, जिनकी फिल्मों को हिंदी दर्शकों ने सिर-आंखों पर बिठाया है। अब जब ये सितारे एक हिंदी फिल्म की तारीफ कर रहे हैं, तो यह सिनेमा के बदलते दौर का साफ संकेत है।
‘धुरंधर’ क्यों बनी इतनी खास?
इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी, ट्रीटमेंट और परफॉर्मेंस है। बिना जरूरत के शोर-शराबे के, फिल्म अपनी कहानी खुद बोलती है। एक्शन है, लेकिन समझदारी के साथ। इमोशन है, लेकिन ओवरडोज नहीं। शायद यही वजह है कि हर इंडस्ट्री का दर्शक इससे जुड़ पा रहा है।
