रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDU) में हाल ही में नए कोर्स शुरू किए जाने को लेकर छात्रों में नाराजगी फैल गई है। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन पर्याप्त तैयारी के बिना नए कोर्स चालू कर रहा है, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। एनएसयूआई छात्र प्रभारी अचल नाथ ने कहा कि यह कदम छात्रों के भविष्य के लिए चिंताजनक है और प्रशासन को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।
छात्रों के अनुसार, हाल ही में शुरू किए गए एग्रीकल्चर कोर्स के लिए पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं है और न ही प्रबंधन द्वारा कोई ठोस व्यवस्था की गई है। कक्षाएं तो शुरू हो गई हैं, लेकिन इनरोलमेंट फॉर्म अब तक नहीं भरे गए हैं। इससे छात्रों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
RDU स्कॉलरशिप प्रक्रिया भी प्रभावित
छात्रों ने यह भी बताया कि वर्तमान में स्कॉलरशिप फॉर्म भरे जा रहे हैं, लेकिन इनरोलमेंट न होने के कारण छात्रों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। आने वाले समय में प्रस्तावित अंतिम परीक्षाओं के चलते यदि इनरोलमेंट और परिणाम में देरी होती है, तो पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है। छात्रों का यह भी आरोप है कि विश्वविद्यालय नए कोर्स केवल राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू कर रहा है। इसके साथ ही फीस में भी वृद्धि की जा रही है, जबकि शिक्षकों की नियुक्ति और आवश्यक शैक्षणिक संसाधनों की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे छात्रों में असंतोष और निराशा बढ़ रही है।
छात्रों की प्रमुख मांगें
छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से स्पष्ट रूप से मांग की है कि पहले से संचालित कोर्सों की व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं। साथ ही समय पर इनरोलमेंट, परीक्षाएं और परिणाम सुनिश्चित किए जाएं। छात्रों ने कहा कि नए कोर्स शुरू करने से पहले आवश्यक स्टाफ और संसाधनों की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि उनकी पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित रह सके। इस मुद्दे को लेकर छात्र लगातार आवाज उठा रहे हैं और प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। यदि प्रशासन जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाता है, तो छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि वे बड़े आंदोलन और प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस तरह की स्थिति विश्वविद्यालय की छवि पर भी प्रश्न खड़ा कर रही है।
