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इंदौर में पानी बना मौत का कारण, कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना; 11 जनवरी को निकलेगी प्रदेश स्तरीय न्याय यात्रा

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Published On: 8 January 2026

MP के इंदौर शहर में दूषित और ज़हरीला पानी पीने से 20 लोगों की मौत और एक हजार से अधिक नागरिकों के बीमार होने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि ऐसी त्रासदी है जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके बावजूद सरकार की चुप्पी लोगों को और अधिक आक्रोशित कर रही है।

कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने इस पूरे मामले को सरकार की आपराधिक लापरवाही करार दिया है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में मौतों और बीमारियों के बाद भी न तो संवेदनशीलता दिखाई जा रही है और न ही जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जा रही है। यह रवैया बताता है कि सरकार आम नागरिकों की जान को कितनी गंभीरता से ले रही है।

पीड़ित परिवारों से मुलाकात

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार हाल ही में इंदौर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मिले। परिवारों की पीड़ा ने कई सवाल खड़े किए। कांग्रेस का कहना है कि जिस शहर में लोगों को पीने के लिए सुरक्षित पानी भी न मिल सके, वहां सरकार विकास के किस दावे पर खड़ी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अब तक केवल चार पीड़ित परिवारों को ही दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है, जबकि मौतों का आंकड़ा इससे कहीं अधिक है। मुख्यमंत्री स्वयं इंदौर के प्रभारी मंत्री होने के बावजूद न तो ठोस जवाब सामने आया है और न ही किसी बड़े अधिकारी पर कार्रवाई हुई है।

नेताओं के बयान से बढ़ा विवाद

इस मामले में विवाद तब और गहरा गया जब एक मंत्री द्वारा पत्रकारों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग सामने आया। कांग्रेस का कहना है कि यह केवल संवेदनहीनता ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र और मीडिया के सम्मान पर सीधा हमला है। वहीं, भागीरथपुरा सहित कई इलाकों में मौतों के वास्तविक आंकड़े दबाए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। कांग्रेस ने दावा किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में हैजा के बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इसकी जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन को दी गई या नहीं। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो यह अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों का भी उल्लंघन हो सकता है।

कांग्रेस की 3 बड़ी मांगें

कांग्रेस पार्टी ने इंदौर के महापौर पर एफआईआर दर्ज कर बर्खास्त करने, विवादित बयान देने वाले मंत्री से इस्तीफा लेने और मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है। इन मांगों को लेकर 11 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे बड़ा गणपति मंदिर से राजवाड़ा तक प्रदेश स्तरीय न्याय यात्रा निकाली जाएगी। कांग्रेस ने साफ कहा है कि जब तक पीड़ितों को न्याय और दोषियों को सजा नहीं मिलती, यह लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी।

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