सतना जिले के मझगवां थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध पशु परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पकड़ा है। इस दौरान क्रूरता के साथ ले जाए जा रहे 42 नग भैंस और पड़ा को मुक्त कराया गया, वहीं पशु परिवहन में प्रयुक्त डीसीएम ट्रक को भी जब्त किया गया। इस कार्रवाई से पशु तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह द्वारा जिले के सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि अवैध रूप से पशुओं के परिवहन में लिप्त लोगों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में मझगवां थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पशु क्रूरता से जुड़ा यह मामला उजागर किया।
6 जनवरी 2026 को थाना प्रभारी मझगवां को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग डीसीएम ट्रक में पशुओं को अमानवीय तरीके से भरकर अवैध रूप से ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और तत्काल घेराबंदी की योजना बनाई गई।
सतना पिंडरा पेट्रोल पंप के पास दबिश
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात प्रेमलाल कुर्वे और एसडीओपी चित्रकूट राजेश सिंह बंजारे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक आदित्य नारायण सिंह धुर्वे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पिंडरा पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर डीसीएम ट्रक क्रमांक यूपी 90 बीटी 7276 को रोका। जांच के दौरान ट्रक में 42 भैंस और पड़ा ठूंस-ठूंस कर भरे मिले, जिनके पैर रस्सियों से बंधे हुए थे।
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पशुओं को अत्यंत क्रूरतापूर्वक परिवहन किया जा रहा था, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा था। मौके पर ही सभी पशुओं को सुरक्षित उतारकर ट्रक सहित जब्त कर लिया गया। पशुओं की अनुमानित कीमत करीब 7 लाख 84 हजार रुपये बताई गई है।
2 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को हिरासत में लिया। इनमें अहसान पिता आशिक अली उम्र 28 वर्ष और समीम अली पिता महबूब अली उम्र 28 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम लहुरेटा, थाना नरैनी, जिला बांदा (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। दोनों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में थाना प्रभारी आदित्य नारायण सिंह धुर्वे के साथ उप निरीक्षक जय सिंह बागरी और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अवैध पशु परिवहन के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
