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भोपाल PHQ के सामने पकड़ा गया मांस से भरा ट्रक, स्लॉटर हाउस सील; जांच रिपोर्ट पर घमासान

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Published On: 8 January 2026

भोपाल में पुलिस मुख्यालय (PHQ) के सामने मांस से भरा ट्रक पकड़े जाने के मामले ने अब प्रशासनिक स्तर पर गंभीर मोड़ ले लिया है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में गोमांस होने के आरोप सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए संबंधित स्लॉटर हाउस को सील कर दिया है। स्लॉटर हाउस के मुख्य गेट पर ताला लगाकर उसे फिलहाल बंद कर दिया गया है, जिससे इलाके में हलचल तेज हो गई है।

कार्रवाई के दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा। बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता नगर निगम कमिश्नर कार्यालय के बाहर एकत्र हो गए और जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में गोमांस होने की पुष्टि हो चुकी है और अब दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि मामले को जानबूझकर लंबा खींचा जा रहा है।

भोपाल पुलिस की चुप्पी

पूरे घटनाक्रम पर पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस न तो गोमांस होने की पुष्टि कर रही है और न ही रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया है। इसी चुप्पी को लेकर प्रदर्शनकारी संगठन सवाल खड़े कर रहे हैं और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। इस मामले में स्लॉटर हाउस के संचालक असलम चमड़ा को हिरासत में लिए जाने की सूचना है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है। जांच का दायरा केवल मांस की प्रकृति तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी सप्लाई चेन, पैकिंग प्रक्रिया और परिवहन के पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम स्थिति साफ होगी।

शुरू हुआ विवाद

पूरा मामला बुधवार रात उस वक्त सामने आया, जब PHQ के सामने हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एक संदिग्ध ट्रक को घेरकर रोक लिया। ट्रक में बड़ी मात्रा में मांस से भरे पैकेट पाए गए थे। आरोप लगाया गया कि यह मांस हैदराबाद और मुंबई के रास्ते विदेश भेजने की तैयारी में था, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया। जय मां भवानी संगठन से जुड़े भानु हिंदू ने दावा किया है कि ट्रक में करीब 26 टन मांस मौजूद था। उनका कहना है कि अधिकारियों ने तीन दिन में जांच रिपोर्ट आने की बात कही थी, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस स्पष्ट रुख नहीं अपना रही और जानबूझकर मामला दबाने की कोशिश हो रही है।

अंतिम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

फिलहाल पूरा शहर अंतिम जांच रिपोर्ट और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। एक ओर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो चुकी है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप से माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

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