बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) में 24 घंटे के भीतर दूसरी बार बाघ की मौत सामने आने से वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में गहरी चिंता फैल गई है। गुरुवार दोपहर धमोखर परिक्षेत्र में बाघ का शव मिलने की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी। लगातार हो रही घटनाओं ने टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला धमोखर परिक्षेत्र के ग्राम रायपुर के कुदरी टोला का है। यहां खेत में बने एक पुराने और लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रहे कुएं में ग्रामीणों ने बाघ का शव पड़ा देखा। खेत पर काम कर रहे लोगों की नजर जैसे ही कुएं में पड़ी विशाल आकृति पर पड़ी, गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बाघ के शव की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग और पार्क प्रबंधन को सूचना दी। सूचना मिलते ही धमोखर परिक्षेत्र के अधिकारी, वन अमला और विशेषज्ञों की टीम मौके के लिए रवाना हो गई। एहतियात के तौर पर गांव के लोगों को घटनास्थल से दूर रखा गया।
बांधवगढ़ क्षेत्र सील
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र को घेर लिया। कुएं के आसपास आवाजाही रोक दी गई ताकि किसी तरह की छेड़छाड़ न हो सके। अधिकारियों ने प्रारंभिक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि शव सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सके और मौत के कारणों की जांच प्रभावित न हो। वन अधिकारियों के अनुसार, बाघ के शव को कुएं से बाहर निकालने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उसी रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि बाघ की मौत दुर्घटना से हुई है या इसके पीछे कोई और कारण है। फिलहाल, प्राथमिक तौर पर कुएं में गिरने की आशंका जताई जा रही है।
पुराना कुआ बना खतरा
इस घटना ने एक बार फिर टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में मौजूद खुले और पुराने कुओं की समस्या को उजागर कर दिया है। कई बार जंगली जानवर पानी की तलाश में इन कुओं में गिर जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कुओं को ढंकना या सुरक्षित करना बेहद जरूरी है। बता दें कि इससे पहले भी 24 घंटे के भीतर BTR क्षेत्र में एक अन्य बाघ की मौत की पुष्टि हुई थी। लगातार दो घटनाओं ने पार्क प्रबंधन की चुनौतियों को बढ़ा दिया है और बाघ संरक्षण को लेकर नई रणनीति की जरूरत महसूस की जा रही है।
फिलहाल, वन विभाग हर पहलू से मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। तब तक पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
