भोपाल स्थित CM निवास में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब परिसर में मौजूद पालतू कुत्ते ने दो कर्मचारियों पर हमला कर दिया। यह घटना उस स्थान पर हुई, जिसे राज्य की सबसे सुरक्षित जगहों में गिना जाता है। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मुख्यमंत्री निवास के कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया। इस हमले में सीएम हाउस के डॉग मास्टर रंजीत और रसोई में खाना बनाने वाले बावर्ची कृपाशंकर मिश्रा घायल हो गए। दोनों कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, तभी पालतू कुत्ता अचानक आक्रामक हो गया और उन पर झपट पड़ा। कर्मचारियों के शोर मचाने पर आसपास मौजूद अन्य लोग मौके पर पहुंचे।
हमले में सबसे ज्यादा चोट कृपाशंकर मिश्रा को आई है। बताया जा रहा है कि कुत्ते ने उनके हाथ और पैर में तीन से चार जगह काटा, जिससे खून बहने लगा। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन चोटें गहरी होने के कारण निगरानी में रखा गया है।
CM हाउस में सुरक्षा पर सवाल
डॉग मास्टर रंजीत, जो आमतौर पर कुत्तों की देखरेख और नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालते हैं, वे भी इस हमले का शिकार हो गए। कुत्ते को संभालने की कोशिश में उन्हें भी काट लिया गया। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि कुत्तों को संभालने वाले कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो बाकी स्टाफ की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री निवास में मौजूद पालतू कुत्ते के अचानक आक्रामक होने के कारणों की चर्चा शुरू हो गई है। जानकारों का कहना है कि कुत्तों में अचानक आक्रोश बीमारी, तनाव या किसी बाहरी उत्तेजना के कारण भी हो सकता है। हालांकि, इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है।
प्रशासनिक स्तर पर मंथन शुरू
घटना के बाद मुख्यमंत्री निवास के प्रशासनिक अमले में भी हलचल तेज हो गई है। आंतरिक तौर पर यह विचार किया जा रहा है कि पालतू कुत्तों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस पूरे घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री निवास की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि शीर्ष स्तर की सुरक्षा वाले परिसर में इस तरह की घटना हो सकती है, तो कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से इंतजाम किए जाने चाहिए।
