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अस्पताल में मासूम की कटी उंगली, इंदौर के MGM मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग लापरवाही ने झकझोरा सिस्टम

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Published On: 9 January 2026

इंदौर के MGM मेडिकल कॉलेज के न्यू चेस्ट वार्ड में बुधवार दोपहर एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने अस्पताल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। महज डेढ़ माह के नवजात बच्चे के साथ इलाज के दौरान हुई लापरवाही ने पूरे स्टाफ को सकते में डाल दिया। इलाज के दौरान बच्चे का अंगूठा कटकर अलग हो गया और जमीन पर गिर पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार, बच्चे के हाथ में लगे इंट्राकेथ को बदलने के दौरान नर्सिंग ऑफिसर ने जल्दबाजी और असावधानी में कैंची चला दी। टेप काटते वक्त कैंची सीधे मासूम के अंगूठे पर जा लगी। एक पल की लापरवाही इतनी भारी पड़ गई कि बच्चे का अंगूठा पूरी तरह कट गया। वार्ड में मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हादसा हो चुका था।

इंदौर का मामला

हादसे के तुरंत बाद नर्सिंग ऑफिसर को घबराहट और चक्कर आने लगे। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ ने तुरंत ड्रेसिंग कर स्थिति संभालने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि शुरुआत में मामले को शांत रखने और परिजनों को भरोसा दिलाने का प्रयास किया गया, ताकि स्थिति बिगड़े नहीं। बच्चे की हालत को देखते हुए उसे तुरंत सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल रेफर किया गया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने तत्काल सर्जरी कर कटे हुए अंगूठे को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की। परिजनों को बताया गया कि समय रहते इलाज हो जाने से उम्मीद बनी हुई है, हालांकि आगे की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।

निमोनिया के कारण भर्ती था नवजात

बताया गया कि बेटमा के बजरंगपुरा गांव निवासी अंजुबाई अपने डेढ़ माह के बच्चे को 24 दिसंबर को निमोनिया की शिकायत के चलते अस्पताल लेकर आई थीं। बच्चे के हाथ में सूजन आने पर उन्होंने नर्सिंग ऑफिसर को जानकारी दी थी। उसी दौरान इंट्राकेथ बदलने की प्रक्रिया शुरू हुई और यह गंभीर हादसा हो गया। मामला सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आया। डीन ने संबंधित नर्सिंग ऑफिसर को तत्काल सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही तीन नर्सिंग इंचार्ज का एक-एक माह का वेतन रोकने का आदेश जारी किया गया, ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके।

जांच के लिए गठित हुई कमेटी

पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी ने संबंधित नर्सिंग ऑफिसर के बयान दर्ज कर लिए हैं और वार्ड की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।

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