साल 2026 की शुरुआत खगोल प्रेमियों के लिए बेहद खास रहने वाली है। शनिवार को आकाश में एक ऐसी खगोलीय घटना घटित हो रही है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में दुर्लभ लेकिन दर्शनीय संयोग माना जाता है। इस दिन सौरमंडल का सबसे विशाल ग्रह बृहस्पति, पृथ्वी और सूर्य एक सीधी रेखा में स्थित होंगे। इस वजह से बृहस्पति पृथ्वी के अपेक्षाकृत करीब आ जाएगा और सामान्य दिनों की तुलना में कहीं ज्यादा चमकीला दिखाई देगा।
विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार, शनिवार दोपहर ठीक 2 बजकर 4 मिनट पर यह खगोलीय स्थिति बनेगी। इसी समय पृथ्वी और बृहस्पति आमने-सामने होंगे, जबकि सूर्य इनके बीच सीध में स्थित रहेगा। इस दौरान बृहस्पति की पृथ्वी से दूरी घटकर करीब 63 करोड़ 30 लाख किलोमीटर रह जाएगी, जो इसे देखने के लिए साल के बेहतरीन अवसरों में शामिल करता है।
आज आकाश में खगोलीय उत्सव
यह संयोग दोपहर में बनेगा, लेकिन आम लोग इसका आनंद शाम के समय उठा सकेंगे। सूर्यास्त के बाद पूर्व दिशा में नजर उठाते ही बृहस्पति तेज चमक के साथ दिखाई देगा। खास बात यह है कि इसे देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होगी। साफ आसमान होने पर नंगी आंखों से ही यह ग्रह बाकी तारों से अलग पहचाना जा सकेगा।
जिन लोगों के पास टेलीस्कोप है, उनके लिए यह शाम और भी रोमांचक होगी। टेलीस्कोप के जरिए बृहस्पति की सतह पर बनी गहरी-हल्की धारियां साफ नजर आएंगी। इसके अलावा इसके चार प्रसिद्ध गैलीलियन चंद्रमा आयो, यूरोपा, गेनीमीड और कैलिस्टो भी बृहस्पति के आसपास चमकते दिखाई देंगे। इस दौरान बृहस्पति की चमक माइनस 2.68 मैग्नीट्यूड तक पहुंच जाएगी।
पूरी रात रहेगा आकाश में राज
इस समय बृहस्पति मिथुन तारामंडल में स्थित है। यह शाम को उदित होकर पूरी रात आकाश में दिखाई देगा। मध्य रात्रि के आसपास यह सिर के ठीक ऊपर नजर आएगा, जबकि सुबह होते-होते पश्चिम दिशा में अस्त हो जाएगा। यानी शौकिया खगोल प्रेमियों को इसे देखने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। बृहस्पति का आकार पृथ्वी से करीब 11 गुना बड़ा है। यदि पृथ्वी अंगूर के बराबर मानी जाए, तो बृहस्पति बास्केटबॉल जैसा होगा। सूर्य से इसकी दूरी इतनी अधिक है कि सूर्य की रोशनी को वहां तक पहुंचने में लगभग 43 मिनट लगते हैं। अब तक वैज्ञानिक बृहस्पति के 95 चंद्रमा खोज चुके हैं, जो इसे सौरमंडल का सबसे अधिक चंद्रमाओं वाला ग्रह बनाता है।
सुनहरा मौका
आज का दिन उन सभी लोगों के लिए खास है, जो प्रकृति और ब्रह्मांड के रहस्यों में रुचि रखते हैं। बस शाम को कुछ देर निकालिए, आकाश की ओर देखिए और चमकते हुए गुरु ग्रह के दर्शन का आनंद लीजिए।
