भोपाल के 11 नंबर इलाके में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नर्मदा जल आपूर्ति की मुख्य लाइन अचानक फूट गई। यह घटना फ्रैक्चर अस्पताल के पास हुई, जहां कुछ ही मिनटों में हालात बेकाबू हो गए। लाइन फूटने के कारणों को लेकर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है, लेकिन नुकसान का दायरा काफी बड़ा बताया जा रहा है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पाइपलाइन टूटने के बाद करीब एक घंटे तक पानी यूं ही बहता रहा। इस दौरान नगर निगम का अमला मौके पर नहीं पहुंच पाया, जिससे लाखों लीटर कीमती नर्मदा जल सड़कों पर बह गया। बाद में जब निगम की टीम पहुंची, तब जाकर सुधार कार्य शुरू किया गया।
लाइन फूटते ही पानी का जबरदस्त प्रेशर देखने को मिला। पाइप से करीब 20 फीट ऊंचा फव्वारा उठने लगा, जिसने पूरे इलाके को जलमग्न कर दिया। पानी की धार इतनी तेज थी कि आसपास के घरों में भी पानी घुस गया और लोग सामान बचाने में जुट गए।
भोपाल में फूटी नर्मदा लाइन
नर्मदा लाइन टूटने के बाद 10 नंबर से 11 नंबर की ओर जाने वाली सड़क पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गई। पानी भरने से कई वाहन रास्ते में ही फंस गए। कुछ देर तक लोग वहीं खड़े रहे, क्योंकि तेज बहाव के कारण निकलना मुश्किल हो गया था। जब प्रेशर कम हुआ, तब जाकर आवाजाही धीरे-धीरे शुरू हो सकी। जिस स्थान पर पाइपलाइन फूटी, वहां कुछ मजदूर निर्माण से संबंधित काम कर रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि संभवतः खुदाई या भारी काम के दौरान पाइप को नुकसान पहुंचा होगा। हालांकि, निगम या संबंधित एजेंसी की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पानी सप्लाई के दौरान हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि शनिवार को 10 नंबर और 11 नंबर क्षेत्र में नर्मदा जल की नियमित सप्लाई चल रही थी। इसी दौरान अचानक लाइन में लीकेज हुआ और देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई। रहवासियों का कहना है कि पाइपलाइन की हालत पहले से कमजोर थी, लेकिन समय रहते ध्यान नहीं दिया गया। इस घटना ने नगर निगम की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय पर अमला पहुंच जाता, तो इतना पानी बर्बाद होने से बचाया जा सकता था। फिलहाल लाइन की मरम्मत कर दी गई है, लेकिन हादसे की असल वजह अब भी जांच के दायरे में है।
