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जहरीले पानी से मौतें और मनरेगा पर वार, इंदौर कांड को लेकर कांग्रेस का बड़ा हमला; पैदल मार्च का ऐलान

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Published On: 10 January 2026

भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के राजीव गांधी सभागार में शुक्रवार को शहर और ग्रामीण जिला कांग्रेस की संयुक्त पत्रकार वार्ता ने सियासी माहौल को गरमा दिया। इंदौर में ज़हरीला पानी पीने से हुई 20 मौतों और मनरेगा में प्रस्तावित बदलावों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। वार्ता में प्रदेश और शहर स्तर के नेताओं ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताया।

भोपाल शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने इंदौर के भागीरथपुरा इलाके की घटना को सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि दूषित पानी के कारण 20 लोगों की मौत और हजार से ज्यादा नागरिकों का बीमार होना किसी हादसे का नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता का प्रमाण है। उनके मुताबिक यह मामला केवल जल संकट का नहीं, बल्कि जवाबदेही का है।

कांग्रेस का बड़ा हमला

कांग्रेस ने ऐलान किया कि 11 जनवरी 2026 को इंदौर में बड़ा पैदल मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च बड़ा गणपति मंदिर से राजवाड़ा चौक स्थित अहिल्याबाई होल्कर प्रतिमा तक पहुंचेगा। इसमें प्रदेश के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल होंगे। सक्सेना ने कहा कि यह मार्च सरकार को आईना दिखाने का माध्यम बनेगा। कांग्रेस ने स्पष्ट मांग रखी कि इंदौर के महापौर को तत्काल पद से हटाया जाए और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से असंवेदनशील बयानबाज़ी पर इस्तीफा लिया जाए। पार्टी ने मृतकों के परिजनों को दो लाख नहीं, बल्कि एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। साथ ही पूरे मामले की न्यायिक जांच और दोषियों पर गैर-इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज करने की बात कही गई।

मनरेगा पर बदलाव को बताया गरीब-विरोधी

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने मनरेगा में 60:40 के नए वित्तीय अनुपात को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले से कर्ज में डूबे प्रदेश पर इससे हर साल हजारों करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। साथ ही प्रदेश में लाखों मजदूरों की ई-केवाईसी लंबित होना यह दिखाता है कि गरीबों को योजनाओं से बाहर करने की कोशिश हो रही है। कांग्रेस ने साफ किया कि मनरेगा से जुड़े बदलाव वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। पंचायत स्तर से लेकर सड़क तक संघर्ष तेज किया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह लड़ाई केवल योजना की नहीं, बल्कि गरीब और मजदूर के अधिकार की है।

शिवराज पर साजिश का आरोप

प्रदेश प्रवक्ता राहुल राज ने आरोप लगाया कि मनरेगा को कमजोर करने की साजिश के पीछे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं। उन्होंने कहा कि नया कानून काम के अधिकार और गांधी के ग्राम स्वराज की भावना पर सीधा हमला है। राहुल राज ने सवाल उठाया कि अगर फसल बीमा की तरह भुगतान में देरी हुई, तो क्या मजदूरों की मजदूरी भी सालों बाद मिलेगी?कांग्रेस नेताओं ने दो टूक कहा कि जब तक इंदौर के पीड़ितों को न्याय और मजदूरों को उनका हक नहीं मिलेगा, तब तक यह लड़ाई थमेगी नहीं। सड़क से सदन तक सरकार को घेरने की रणनीति पर कांग्रेस अडिग है।

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