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21 मौतों का सवाल लेकर सड़कों पर उतरी कांग्रेस: इंदौर में न्याय की मांग, राजवाड़ा तक गूंजा आक्रोश

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Published On: 11 January 2026

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में गंदे पानी से फैली बीमारी ने जिस तरह 21 लोगों की जान ली, उसने पूरे शहर को झकझोर दिया है। कई लोग अब भी अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद सियासत भी गर्मा गई है और जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज हो गई है। रविवार को कांग्रेस ने इस मामले को लेकर बड़ा गणपति चौराहे से राजवाड़ा तक “न्याय यात्रा” निकाली। यात्रा का उद्देश्य सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग को शहर के बीचों-बीच लाना था। सैकड़ों कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर प्रशासन और सरकार से जवाब मांगते नजर आए।

न्याय यात्रा में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा सबसे ज्यादा दिखाई दिया। उन्होंने महापौर और बीजेपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “जवाब दो”, “न्याय दो” और “मंत्री मुर्दाबाद” जैसे नारों से चौराहे गूंज उठे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि लापरवाही की कीमत आम लोगों ने अपनी जान देकर चुकाई है।

सड़कों पर उतरी कांग्रेस

कांग्रेस ने स्पष्ट मांग रखी कि जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उन्हें एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यह हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी है। न्याय यात्रा में कांग्रेस के कई बड़े चेहरे शामिल हुए। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और अजय सिंह समेत कई विधायक और पार्षद यात्रा में नजर आए। इससे यह साफ हो गया कि कांग्रेस इस मुद्दे को हल्के में नहीं लेने वाली।

बीजेपी पर सीधा हमला

यात्रा के दौरान एक वाहन की छत पर चढ़कर दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार ने जनता को संबोधित किया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि इंदौर में पार्षद से लेकर सांसद तक बीजेपी का वर्चस्व है, इसलिए जिम्मेदारी से भागा नहीं जा सकता। उन्होंने इसे लंबी लड़ाई बताते हुए घर-घर जाकर सच बताने की बात कही। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि जब अलग-अलग जगह सम्मेलन हो रहे हैं, तब सरकार को पहले लोगों की जान बचाने की चिंता करनी चाहिए। उनके मुताबिक, यह मामला सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि आम नागरिक की सुरक्षा से जुड़ा है।

न्याय की लड़ाई अभी जारी

राजवाड़ा पहुंचकर यात्रा का समापन जरूर हुआ, लेकिन कांग्रेस ने साफ कर दिया कि यह आंदोलन यहीं खत्म नहीं होगा। भागीरथपुरा की मौतें अब एक राजनीतिक मुद्दा बन चुकी हैं और आने वाले दिनों में इस पर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत साफ नजर आ रहे हैं।

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