भोपाल में 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर स्थानीय अवकाश रहेगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के प्रस्ताव को सामान्य प्रशासन विभाग ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही शहर में इस साल कुल चार लोकल हॉलिडे लागू रहेंगे। इस फैसले से भोपाल के सरकारी दफ्तरों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। मकर संक्रांति के अलावा 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी, 19 अक्टूबर को महानवमी और 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी बरसी दिवस (केवल भोपाल शहर के लिए) पर भी स्थानीय अवकाश रहेगा। कलेक्टर ने इन सभी तारीखों को लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा था, जिसे सोमवार को स्वीकृति मिल गई।
स्थानीय अवकाश का फायदा भोपाल में पदस्थ करीब 30 हजार से अधिक सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों को मिलेगा। इन छुट्टियों के चलते शासकीय कार्यालय, स्कूल और कई संस्थानों में कामकाज बंद रहेगा, जिससे कर्मचारियों को धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
बदला अवकाश का पैटर्न
भोपाल में हर साल चार स्थानीय अवकाश घोषित किए जाते हैं। साल 2025 में मकर संक्रांति, रंगपंचमी, गणेश चतुर्थी और भोपाल गैस त्रासदी बरसी दिवस पर छुट्टियां थीं। इस बार रंगपंचमी और गणेश चतुर्थी की जगह अनंत चतुर्दशी और महानवमी को लोकल हॉलिडे में शामिल किया गया है। पिछले वर्ष महानवमी पर पूरे प्रदेश में अवकाश घोषित होने के कारण भोपाल का एक स्थानीय अवकाश बच गया था, जिसे इस बार समायोजित किया गया।
कर्मचारियों को मिलेंगी लगातार छुट्टियां
इस बार छुट्टियों की टाइमिंग कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आई है। मकर संक्रांति बुधवार को पड़ रही है, जबकि अनंत चतुर्दशी शुक्रवार और महानवमी सोमवार को है। ऐसे में स्थानीय अवकाश के साथ साप्ताहिक अवकाश जोड़कर कर्मचारियों को लगातार तीन दिन तक छुट्टी मिलने की संभावना बनेगी। इससे कई लोग पहले से यात्रा और पारिवारिक कार्यक्रमों की योजना बना रहे हैं। स्थानीय अवकाश के चलते शहर में धार्मिक आयोजनों और परंपरागत कार्यक्रमों की तैयारियों को भी गति मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि अवकाश से न सिर्फ कर्मचारियों को सुविधा होगी, बल्कि त्योहारों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से मनाने में भी मदद मिलेगी।
