, ,

150 करोड़ की सड़क या भ्रष्टाचार का हाईवे? नागौद-मैहर मार्ग पर गुणवत्ता से खुला समझौता

Author Picture
Published On: 12 January 2026

लोक निर्माण विभाग की नागौद से मैहर तक बन रही सड़क इन दिनों चर्चा में है, लेकिन वजह विकास नहीं बल्कि निर्माण की गुणवत्ता पर उठ रहे गंभीर सवाल हैं। लगभग 150 करोड़ रुपए की इस परियोजना को क्षेत्र के लिए लाइफलाइन माना जा रहा था, मगर शुरुआत से ही काम की रफ्तार और स्तर दोनों पर संदेह गहराने लगे हैं। स्थानीय लोगों और जानकारों के मुताबिक सड़क निर्माण में मानक पत्थर की जगह परसमनिया पहाड़ से निकाले गए सॉफ्ट चिप्स स्टोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस नरम पत्थर को पीसकर सड़क की परतों में बिछाया जा रहा है, जो भारी यातायात का दबाव झेलने में सक्षम नहीं माना जाता। यही वजह है कि सड़क बनने से पहले ही उसकी उम्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट में जिन तकनीकी मानकों का स्पष्ट उल्लेख है, उन्हें कथित तौर पर दरकिनार किया गया है। बिना WMM प्लांट के सूखी गिट्टी से WMM तैयार किया जा रहा है। इसके ऊपर घटिया गिट्टी और डामर की परत डालकर काम को कागजों में सही दिखाने की कोशिश हो रही है।

SDO की कथित भूमिका पर उंगली

पूरा मामला तब और गंभीर हो जाता है जब आरोप लगते हैं कि यह सब प्रभारी SDO की कथित शह पर हो रहा है। निगरानी की जिम्मेदारी जिन पर है, वही आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि बिना मौन सहमति के इतना बड़ा तकनीकी उल्लंघन संभव नहीं है। इस परियोजना में जिस ठेकेदार का नाम सामने आ रहा है, वह पहले भी विवादों में रह चुका है। पन्ना जिले में बनी करोड़ों की सड़कों की हालत कुछ महीनों में ही बदतर हो गई थी। अब नागौद-मैहर मार्ग पर भी वही तरीका अपनाए जाने की आशंका जताई जा रही है।

इंजीनियरों की चुप्पी बनी रहस्य

निर्माण स्थल पर विभागीय इंजीनियरों की मौजूदगी के बावजूद घटिया सामग्री का उपयोग होना कई सवाल खड़े करता है। अगर काम मानकों के अनुसार है तो जांच से डर क्यों? और अगर नहीं, तो जिम्मेदारी किसकी है? मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री तकनीकी दक्षता बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। जनता का टैक्स सड़क के नाम पर खर्च हो रहा है, जबकि भविष्य में यही सड़कें परेशानी का कारण बन सकती हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या इस परियोजना की निष्पक्ष जांच होगी या मामला फाइलों में दबा दिया जाएगा। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह सड़क नहीं, भ्रष्टाचार की स्थायी पहचान बन जाएगी।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp