MP Cabinet : मध्यप्रदेश में शासन की योजनाओं को सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से “संकल्प से समाधान अभियान” की शुरुआत कर दी गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक से पहले इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के तहत 16 विभागों की 91 हितग्राहीमूलक योजनाओं से लोगों को जोड़ा जाएगा। खास बात यह है कि इसके लिए सरकारी अमला घर-घर जाकर पात्र लोगों से आवेदन लेगा। अभियान का पहला चरण 12 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा, जबकि पूरी प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में घर-घर जाकर आवेदन एकत्र किए जाएंगे। दूसरे चरण में 16 फरवरी से 16 मार्च तक कलस्टर स्तर पर शिविर आयोजित होंगे। तीसरे चरण में 16 से 26 मार्च के बीच विकासखंड स्तर पर लंबित आवेदनों और शिकायतों का निराकरण किया जाएगा। अंतिम और चौथा चरण 26 से 31 मार्च तक जिला स्तर पर होगा, जिसमें जिला मुख्यालयों पर शिविर लगाकर सभी शेष मामलों का समाधान किया जाएगा।
MP Cabinet: संकल्प से समाधान अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में अभियान की लगातार निगरानी करें। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचना चाहिए।
यह कैबिनेट बैठक तकनीकी दृष्टि से भी खास रही। मुख्यमंत्री और सभी मंत्री फाइलों की जगह टैबलेट लेकर बैठक में पहुंचे। सभी प्रस्ताव टैबलेट के माध्यम से ही प्रस्तुत किए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि ई-कैबिनेट की यह पहल ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने, पेपरलेस कामकाज, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
मकर संक्रांति पर सुरक्षा का संदेश
मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों में चाइनीज मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी की जाए, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
टीम मध्यप्रदेश की ई-कैबिनेट
नीति, तकनीक और निर्णयों का “डिजिटल संगम”@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh #eCabinetMP pic.twitter.com/GNZcqwtIs5
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 13, 2026
कैबिनेट बैठक में सोलर एनर्जी से जुड़ी तीन अहम परियोजनाओं पर मंजूरी दी जाएगी। इनमें सोलर सह 4 घंटे और 6 घंटे की 300-300 मेगावाट स्टोरेज परियोजनाएं तथा 24 घंटे की 200 मेगावाट सोलर सह स्टोरेज परियोजना शामिल हैं। इनका उद्देश्य पीक डिमांड के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
स्पेस टेक नीति 2026 को हरी झंडी
कैबिनेट ने स्पेस टेक नीति 2026 को मंजूरी दी है। इस नीति के जरिए स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट डेटा, ड्रोन, जियो-स्पेशियल एप्लीकेशन और स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे रिसर्च, इनोवेशन और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बैठक में इंदौर के जामा मस्जिद क्षेत्र से जुड़े भूमि आवंटन के 2003 के फैसले पर पुनर्विचार का एजेंडा भी शामिल है। यह प्रस्ताव पिछले महीने टल गया था, जिसे अब दोबारा चर्चा के लिए लाया गया है।
