इंदौर में बुधवार को चाइनीज मांझे ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया। अलग-अलग इलाकों में कुछ ही घंटों के भीतर चार लोग इसकी चपेट में आ गए। किसी का गला कटा तो किसी के चेहरे पर गंभीर जख्म आए। लगातार हो रही इन घटनाओं ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंधों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहली घटना भंवरकुआं थाना क्षेत्र के तीन इमली इलाके में हुई। बाइक से जा रहे हेमराज रविंद्र चौरसिया का अचानक चाइनीज मांझे से गला कट गया। सड़क पर खून बहने लगा, जिसे देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उसे निजी अस्पताल पहुंचाया। हेमराज 115 चांदमारी ईंट का भट्टा का रहने वाला है और पेट्रोल पंप पर काम करता है। ड्यूटी खत्म होने के बाद वह मांगलिया में अपने रिश्तेदार के यहां जा रहा था।
इंदौर में चाइनीज मांझे का कहर
दूसरा हादसा परदेशीपुरा इलाके में हुआ। नंदानगर निवासी महेश सोनी बाइक से जा रहे थे, तभी चाइनीज मांझा उनके गले से टकरा गया। मांझे से गले में गहरी चोट आई, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। तीसरी घटना जूनी इंदौर ब्रिज पर सामने आई। तिल्लौर निवासी प्रेम भंडारी, जो दूध बांटने का काम करता है, बाइक से जा रहा था। इसी दौरान अचानक सामने मांझा आ गया। बचने की कोशिश में उनके गले के पास गंभीर चोट लग गई। हादसे में उन्हें 8 टांके आए हैं। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
10 टांके
चौथा हादसा रामानंद नगर इलाके में हुआ। माधव वसुनिया, निवासी रामानंद नगर, पतंग लेने जा रहा था। इसी दौरान सामने से चाइनीज डोर आ गई। बचाव के प्रयास में उसके चेहरे पर गहरी चोट लग गई और दाढ़ी पूरी तरह कट गई। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां करीब 10 टांके लगाए गए।
इन घटनाओं के बाद एक बार फिर चाइनीज मांझे की खुलेआम बिक्री और उपयोग पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन द्वारा प्रतिबंध के बावजूद यह मांझा शहर में आसानी से मिल रहा है, जिससे राहगीरों और दोपहिया चालकों की जान जोखिम में पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने सख्त कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
