इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में एक निजी कंपनी द्वारा बनाई जा रही टाउनशिप की लापरवाह खुदाई ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। निर्माण कार्य के दौरान की गई अव्यवस्थित और गहरी खुदाई से न्यू रेसकोर्स बिल्डिंग को गंभीर नुकसान पहुंचा है। बिल्डिंग की ड्रेनेज और पानी की लाइनें टूट गईं, सड़क धंस गई और पास लगा बिजली का ट्रांसफार्मर भी नीचे खिसक गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे के बाद न्यू रेसकोर्स बिल्डिंग में रहने वाले 113 परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ड्रेनेज लाइन टूटने से गंदा पानी सड़कों पर फैल गया, वहीं पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई। ट्रांसफार्मर गिरने के कारण बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई, जिससे रहवासी अंधेरे और असुरक्षा के बीच रहने को मजबूर हो गए।
इंदौर रहवासियों का आरोप
स्थानीय लोगों ने बताया कि पास ही “सिंगापुर मरीना” नाम से टाउनशिप का निर्माण किया जा रहा है, जिसे सार्थक विनायक रियल बिल्ट द्वारा विकसित किया जा रहा है। खुदाई का कार्य ठेकेदार जगदीश दांगी और कांक्रीट का काम शाहिद चौहान को सौंपा गया था। रहवासियों का आरोप है कि भारी मशीनों से बिना सुरक्षा उपायों के खुदाई की गई, जिससे जमीन अंदर से खिसक गई और पूरी बिल्डिंग खतरे में आ गई।
डेढ़ महीने से चल रही थी खुदाई
रहवासियों के मुताबिक पिछले करीब डेढ़ महीने से दिन-रात जेसीबी मशीनों से खुदाई का काम चल रहा था। इस दौरान कई बार नगर निगम में शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, जिसका नतीजा अब गंभीर हादसे के रूप में सामने आया है। घटना के बाद आक्रोशित रहवासी लसूड़िया थाने पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। न्यू रेसकोर्स बिल्डिंग निवासी पंकज दुबे की शिकायत पर पुलिस ने ठेकेदार जगदीश दांगी और शाहिद चौहान के खिलाफ तोड़फोड़ करने और 113 परिवारों की जान खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
पुलिस जांच में जुटी
लसूड़िया पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं रहवासियों की मांग है कि निर्माण कार्य तुरंत रोका जाए और उन्हें सुरक्षित आवास व मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
