भोपाल के कोलार क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां नगर निगम में ड्राइवर के पद पर कार्यरत युवक ने हनीट्रैप और लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर आत्मघाती कदम उठा लिया। युवक ने मंगलवार को जहर खा लिया था, इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मृतक की पहचान सुल्तान खान (30) के रूप में हुई है, जो थुआखेड़ा, कोलार में रहता था। परिजनों के अनुसार, एक युवती ने पहले उससे भावनात्मक रिश्ता बनाया और भरोसा जीत लिया। इसके बाद निजी वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल किया जाने लगा। वीडियो वायरल करने और रेप केस में फंसाने की धमकी देकर उससे लगातार पैसे मांगे जाते रहे।
भोपाल में फर्जी टीआई बनकर दी धमकी
परिजनों ने बताया कि युवती अकेली नहीं थी, बल्कि चार लोगों का एक गिरोह इस पूरे खेल में शामिल था। गिरोह का एक सदस्य खुद को थाना प्रभारी बताकर सुल्तान को फोन करता था और जेल भेजने की धमकी देता था। इस डर के साये में सुल्तान ने करीब छह महीनों में लगभग 8 लाख रुपए आरोपियों को दे दिए।
सुल्तान के मोबाइल से पुलिस को ब्लैकमेलिंग के पुख्ता संकेत मिले हैं। चैट और कॉल डिटेल में लगातार पैसे मांगने, गालियां देने और जान से मारने की धमकियों का जिक्र है। मोबाइल में युवती के 161 मिस्ड कॉल मिले हैं। उसने आरोपियों के नंबर अलग-अलग नामों से सेव कर रखे थे, जिनमें ‘माई वाइफ’ और ‘अंकल टीआई’ जैसे नाम शामिल हैं।
भाई को बताई सच्चाई
मृतक के छोटे भाई सलमान ने बताया कि अस्पताल में इलाज के दौरान सुल्तान ने पूरी आपबीती साझा की थी। उसने कहा था कि वह 15 लाख रुपए तक दे चुका है और उसके पास चैट व स्क्रीनशॉट भी मौजूद हैं। घटना से एक दिन पहले तक युवती लगातार फोन कर रही थी, जिससे वह पूरी तरह टूट चुका था। परिजनों के मुताबिक, करीब एक साल पहले सुल्तान का तलाक हो गया था। उसके दो छोटे बच्चे हैं। तलाक के बाद वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। इसी कमजोर दौर में उसका संपर्क युवती से हुआ और वह हनीट्रैप का शिकार बन गया।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि युवती और उसके साथियों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
