बीना विधानसभा क्षेत्र के खिमलासा गांव में तीन साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। मासूम के साथ हुए दुष्कर्म और अमानवीय अत्याचार को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। इस दर्दनाक घटना के खिलाफ अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर आवाज बुलंद होने जा रही है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ के आह्वान पर 16 जनवरी 2026, शुक्रवार को बीना में धरना–प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। यह प्रदर्शन दोपहर 12:30 बजे अंबेडकर चौराहे पर होगा, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं, कार्यकर्ता और आम नागरिक जुटेंगे। धरने के बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग रखी जाएगी।
बीना: निर्देश पर आयोजन
यह आंदोलन महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका किरार के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का नेतृत्व एडवोकेट उमा महेंद्र नवैया, जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण और एडवोकेट मोहिनी कश्यप, जिला अध्यक्ष जिला कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ सागर करेंगी। संगठन ने इसे न्याय की लड़ाई बताया है, न कि केवल एक औपचारिक विरोध।
कांग्रेस का तीखा हमला
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जो शासन की नाकामी को दर्शाता है। खिमलासा की घटना को उन्होंने “मानवता को शर्मसार करने वाला अपराध” बताया। नेताओं ने स्पष्ट कहा कि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।
प्रमुख मांगें
धरना समाप्त होने के बाद प्रशासन को सौंपे जाने वाले ज्ञापन में कई अहम मांगें शामिल होंगी। इनमें आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, कठोरतम सजा और पीड़िता के परिवार को सुरक्षा व सहायता शामिल है। साथ ही महिला और बाल सुरक्षा को लेकर ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी जाएगी।
इस प्रदर्शन में महिला कांग्रेस के साथ-साथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, शहर कांग्रेस, सेवादल, किसान कांग्रेस, अनुसूचित जाति–जनजाति कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई और कांग्रेस के अन्य प्रकोष्ठों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल होंगे। स्थानीय नागरिकों की भागीदारी भी बड़ी संख्या में रहने की उम्मीद है।
आमजन से अपील
आयोजकों ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे इस धरना–प्रदर्शन में शामिल होकर मासूम के न्याय की लड़ाई को मजबूती दें। उनका कहना है कि जब तक समाज एकजुट होकर ऐसे अपराधों के खिलाफ खड़ा नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाना मुश्किल रहेगा।
