‘बोले चूड़ियां’ की अनसुनी कहानी, एक गाने पर उड़ाए गए करोड़ों!

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Published On: 16 January 2026

हिंदी सिनेमा में जब भी भव्यता और रॉयल फील की बात होती है, तो कुछ गाने अपने आप ज़हन में आ जाते हैं। ऐसे ही गानों में एक नाम है ‘बोले चूड़ियां’। शादियों से लेकर फैमिली फंक्शन्स तक आज भी यह गाना उतना ही लोकप्रिय है, जितना रिलीज़ के वक्त था। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस एक गाने पर इतना पैसा खर्च हुआ था कि वह पूरी फिल्म के बजट को भी टक्कर देने लगा था। अब बात सिर्फ गाने की नहीं, बल्कि उस दौर की सोच, जुनून और सिनेमा को लेकर दीवानगी की है, जब “ग्रैंड” शब्द को सच में पर्दे पर उतारा जाता था।

साल 2001 में करण जौहर कभी खुशी कभी ग़म लेकर आए। यह फिल्म सिर्फ स्टारकास्ट की वजह से नहीं, बल्कि अपने इमोशन्स, म्यूज़िक और भव्य सेट्स के कारण भी खास बन गई। अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, ऋतिक रोशन, काजोल, जया बच्चन और करीना कपूर हर किरदार दर्शकों के दिल में उतर गया। लेकिन इस फिल्म का सबसे ज्यादा याद किया जाने वाला हिस्सा बना इसका संगीत, खासकर ‘बोले चूड़ियां’।

3 करोड़ का खर्च

आज के दौर में 3 करोड़ सुनकर शायद लोग कंधे उचका दें, लेकिन 2001 में यह रकम किसी झटके से कम नहीं थी। बताया जाता है कि ‘बोले चूड़ियां’ को शूट करने में करीब 3 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। यह बजट उस वक्त किसी पूरी मिड-बजट फिल्म जितना होता था। इस गाने में ना सिर्फ बड़े-बड़े सेट्स थे, बल्कि 200 से ज्यादा डांसर और करीब 300 जूनियर आर्टिस्ट शामिल थे। हर फ्रेम को ऐसा बनाया गया था कि वह शाही लगे।

इस गाने की शूटिंग फिल्म का पहला शेड्यूल थी। जैसे ही शूट शुरू हुआ, हालात थोड़े बिगड़ गए। भीड़, सेट्स, लाइट्स और कॉस्ट्यूम सब कुछ इतना बड़ा था कि संभालना आसान नहीं था। कहा जाता है कि खुद करण जौहर सेट पर अचानक बेहोश हो गए थे। काजोल को भारी लहंगे में चलने-फिरने में परेशानी हो रही थी, और यूनिट के लिए इतने लोगों को मैनेज करना किसी चुनौती से कम नहीं था।

यश जौहर का रिएक्शन

जब बजट की बात यश जौहर तक पहुंची और उन्हें बताया गया कि गाने पर करीब 3 करोड़ खर्च हो चुके हैं, तो उन्होंने सेट देखकर साफ कह दिया कि जितना बन चुका है, वह इस रकम से भी ज्यादा महंगा है। इसके बाद कोई बहस नहीं हुई। फैसला साफ था अब फिल्म बननी है, पीछे नहीं हटना।

गाना बना इतिहास

जो डर और तनाव शूटिंग के दौरान था, वह रिलीज़ के बाद खुशी में बदल गया। ‘बोले चूड़ियां’ सुपरहिट साबित हुआ। करीना कपूर के लहंगे, उनका डांस और पूरा फैमिली सेटअप ट्रेंड बन गया। शादियों में यह गाना बजना जैसे ज़रूरी रस्म बन गया। फिल्म भी सुपरहिट रही और आज क्लासिक मानी जाती है। उस एक गाने पर किया गया खर्च आखिरकार घाटा नहीं, बल्कि निवेश साबित हुआ।

आज जब ज़्यादातर गाने ग्रीन स्क्रीन और सीमित बजट में बनते हैं, तब ‘बोले चूड़ियां’ जैसे गाने उस दौर की याद दिलाते हैं, जब सिनेमा सिर्फ कहानी नहीं, एक जश्न हुआ करता था। यह गाना सिर्फ एक म्यूज़िकल ट्रैक नहीं, बल्कि उस दौर की सोच, जुनून और फिल्ममेकिंग की हिम्मत का सबूत है, जहां एक गाने के लिए भी सब कुछ दांव पर लगा दिया जाता था।

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