बीना विधानसभा क्षेत्र के खिमलासा गांव में 3 वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और अमानवीय अत्याचार की घटना के विरोध में आज जिला कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ द्वारा धरना–प्रदर्शन किया जाएगा। यह विरोध कार्यक्रम शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे अंबेडकर चौराहा, बीना में आयोजित होगा। धरना समाप्त होने के बाद संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
यह धरना–प्रदर्शन मध्य प्रदेश कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका किरार के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का नेतृत्व एडवोकेट उमा महेंद्र नवैया, जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण तथा एडवोकेट मोहिनी कश्यप, जिला अध्यक्ष जिला कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ सागर द्वारा किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल एक घटना का विरोध नहीं, बल्कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर उठाया गया सामूहिक सवाल है।
बीना में महिलाओं और बच्चियों पर बढ़ते अपराधों पर चिंता
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मध्य प्रदेश में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, जो समाज और शासन दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। खिमलासा की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। नेताओं का कहना है कि इस तरह की जघन्य घटनाएं कानून व्यवस्था की पोल खोलती हैं और सरकार की जवाबदेही तय होना जरूरी है।
धरना–प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन के माध्यम से पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें कठोरतम सजा देने की मांग की जाएगी। साथ ही महिला सुरक्षा को लेकर शासन और प्रशासन से ठोस तथा प्रभावी कदम उठाने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी जाएगी। आयोजकों का कहना है कि जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, ऐसी घटनाओं पर रोक लगना मुश्किल है।
कांग्रेस के सभी संगठनों की रहेगी सहभागिता
इस कार्यक्रम में महिला कांग्रेस के साथ-साथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, शहर कांग्रेस, सेवादल, किसान कांग्रेस, अनुसूचित जाति-जनजाति कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई और कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल होंगे। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी भी अपेक्षित है।
आयोजकों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस धरना–प्रदर्शन में शामिल होकर पीड़ित बच्ची के न्याय के लिए अपनी आवाज बुलंद करें। उनका कहना है कि सामाजिक दबाव और जनआंदोलन ही ऐसी घटनाओं के खिलाफ सबसे मजबूत संदेश होता है।
