देवास जिले के शिप्रा में आयोजित किसान न्याय सम्मेलन में किसानों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। सम्मेलन का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सामने लाना और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट आवाज़ बुलंद करना रहा। बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए और सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में किसान आर्थिक दबाव, बढ़ती लागत और फसलों के उचित दाम न मिलने से जूझ रहे हैं। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले, सिंचाई, बिजली और खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो, इसके लिए ठोस नीतियों की जरूरत है। नेताओं ने कहा कि किसान न्याय के बिना प्रदेश और देश का विकास अधूरा है।
देवास में किसान न्याय सम्मेलन
किसान न्याय सम्मेलन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति रही। इसमें AICC प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, AICC सचिव संजय दत्त, महिला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज राजानी शामिल रहे। इसके अलावा देवास शहर जिला अध्यक्ष प्रयास गौतम और देवास ग्रामीण जिला अध्यक्ष मनीष चौधरी ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
स्थानीय नेतृत्व ने उठाए क्षेत्रीय मुद्दे
जिला पंचायत उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह बघेल सहित कई स्थानीय नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं रखीं। उन्होंने कहा कि किसानों को कर्ज, बीमा और मुआवजे के मामलों में बार-बार परेशान होना पड़ता है। सम्मेलन में प्रदीप चौधरी, राजवीर सिंह बघेल, ठाकुर जय सिंह, सदाशिव यादव, बंटू गुर्जर, रविंद्र चौधरी और विश्वजीत सिंह चौहान ने भी विचार रखे।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि किसानों के साथ हो रहे अन्याय को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को किसान हितैषी फैसले लेने होंगे, नहीं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। सम्मेलन के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और उनके हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी।
किसानों में दिखा उत्साह
सम्मेलन के दौरान किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला। किसानों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें अपनी बात कहने का मंच मिलता है। कार्यक्रम के अंत में किसानों के अधिकारों की रक्षा और न्याय की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
