मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा गांवों में वास करती है। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाना है तो गांव, किसान और गरीब की उन्नति पर फोकस करना होगा। जब ये तीनों वर्ग मजबूत होंगे, तब देश स्वतः आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण भारत की मजबूती ही विकसित भारत की बुनियाद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेरोजगारों के हाथों में काम देकर उनके सपनों को साकार करने का प्रयास कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे कारखाने और उद्योग स्थापित होने से न सिर्फ स्थानीय रोजगार बढ़ेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब, महिला, युवा और किसान को केंद्र में रखकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निरंतर काम किया जा रहा है।
व्यवस्था की असली ताकत: सीएम मोहन यादव
डॉ. मोहन यादव ने पंचायती राज व्यवस्था में पंचायत सचिवों की भूमिका को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा कि पंचायत सबसे मजबूत इकाई है और उसकी आत्मा पंचायत सचिव हैं। चाहे कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो, केंद्र या राज्य सरकार का कोई भी निर्णय हो, उसका वास्तविक क्रियान्वयन पंचायत स्तर पर ही होता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान राम के समय असंभव कार्य हनुमान करते थे, उसी तरह आज पंचायत सचिव जमीनी स्तर पर कठिन जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
जनकल्याण योजनाओं का असली चेहरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, जल गंगा अभियान, हर घर जल योजना सहित कई जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन पंचायत सचिवों के माध्यम से ही होता है। कई बार लोग अपने परिवार से ज्यादा भरोसा पंचायत सचिवों पर करते हैं और उन्हें अपने सुख-दुख का सहभागी मानते हैं। डिजिटल युग और कोविड काल की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गांवों ने हर परिस्थिति में मजबूती दिखाई है।
पंचायत इकाई को सशक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है…
आज भोपाल में प्रदेश स्तरीय ‘पंचायत सचिव सम्मेलन’ को संबोधित किया। हमारी सरकार, पंचायती राज्य व्यवस्था के माध्यम से सभी क्षेत्रों में काम कर रही है। कृषक कल्याण वर्ष में 16 विभाग योगदान देंगे। सभी विभागों की योजनाओं… pic.twitter.com/9TX76x0N4t
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 16, 2026
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें 16 विभागों को जोड़ा गया है। इन सभी योजनाओं को किसानों और हितग्राहियों तक पहुंचाने में पंचायत सचिवों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। सरकार चाहती है कि योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
सीएम की बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने पंचायत सचिवों के हित में कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि अब पंचायत सचिवों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष होगी। सातवें वेतनमान के आदेश 13 सितंबर 2023 से लागू हैं। सचिवों को ₹1300 का विशेष भत्ता मिलेगा। सचिव की मृत्यु पर मिलने वाली डेढ़ लाख रुपए की अनुग्रह राशि अब वापस नहीं ली जाएगी। संविलियन के लिए समिति गठित की जाएगी, जिसके परिणाम जल्द सामने आएंगे।
पंचायत मंत्री का बयान
पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि समयमान वेतनमान का आदेश 2025 में जारी हो चुका है। अनुकम्पा नियुक्ति से जुड़े मामलों में न्यायालय में पहल की गई है। सचिव परिवारों के आयुष्मान कार्ड को लेकर भी सरकार जल्द निर्णय लेगी।
