जबलपुर जिले के पाटन तहसील स्थित ग्राम साकरा में गुरुवार की शाम बिजली कंपनी की टीम पर अचानक हमला हुआ। इस घटना में जूनियर इंजीनियर के चेहरे पर गंभीर चोट आई। घटना के तुरंत बाद टीम ने गांव से बाहर निकलकर पाटन थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई।
बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जूनियर इंजीनियर मनोज दुबे टीम के साथ साकरा गांव पहुंचे थे। टीम का मकसद था ओवरलोड बिजली का बिल वसूलना। जूनियर इंजीनियर मनोज दुबे ने बताया कि लालचंद जैन के खेत में उनके बेटे और नाती द्वारा दो एचपी के पंप का इस्तेमाल किया जा रहा था, जबकि मीटर की क्षमता केवल एक एचपी की थी। अधिक उपयोग के कारण बिल वसूलने पहुंची टीम को देखते ही सौरभ जैन और अन्य ग्रामीण भड़क गए।
जबलपुर का मामला
जैसे ही टीम ने बिल वसूलना शुरू किया, सौरभ जैन ने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान जूनियर इंजीनियर के चेहरे पर चोट आई। मनोज दुबे ने बताया कि सौरभ जैन और अन्य ग्रामीणों ने जान से मारने की धमकी दी। अगर टीम भविष्य में फिर से गांव में बिजली बिल वसूलने आई तो उनका वध कर दिया जाएगा।
FIR दर्ज
जूनियर इंजीनियर की शिकायत पर पाटन थाना पुलिस ने शासकीय काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि सौरभ जैन और उनके पिता की तलाश शुरू कर दी गई है। वहीं, बाकी टीम के कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर इंजीनियर को सुरक्षित बाहर निकाला।
बिजली कंपनी ने घटना की रिपोर्ट लेते हुए कहा कि टीम का उद्देश्य केवल नियमानुसार ओवरलोड बिजली का बिल वसूलना था। वरिष्ठ अधिकारी इस घटना की समीक्षा कर रहे हैं और आवश्यकतानुसार सुरक्षा प्रबंध बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। पाटन थाना पुलिस भी घटना की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच कर रही है।
सुरक्षा और चेतावनी
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ग्रामीण इलाकों में बिजली बिल वसूली जैसी गतिविधियों के दौरान सुरक्षा उपाय अत्यंत आवश्यक हैं। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा न डालें।
