उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने MP में ठंड का असर तेज कर दिया है। शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात प्रदेश में कड़ाके की सर्दी देखने को मिली। उमरिया प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 4.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सुबह के समय प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग ने शनिवार को शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी और मैहर जिलों में कोल्ड वेव यानी शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी का सीधा असर मध्यप्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। अगले दो से तीन दिन तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज ठंड बने रहने की संभावना है।
MP भोपाल सबसे ठंडा
प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में भोपाल सबसे ठंडा दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री रहा। ग्वालियर में पारा 8.2 डिग्री, जबलपुर में 8.3 डिग्री, इंदौर में 9 डिग्री और उज्जैन में 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। छोटे शहरों की बात करें तो उमरिया के बाद राजगढ़ और खजुराहो में 5 डिग्री, मंडला में 5.4 डिग्री, रीवा में 5.5 डिग्री और नौगांव में 5.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
कोहरे की चादर से ढके कई जिले
दतिया, ग्वालियर, सतना, भोपाल, गुना, रतलाम, उज्जैन, दमोह, खजुराहो, मंडला, रीवा, सीहोर, शाजापुर, रायसेन और विदिशा समेत कई जिलों में सुबह के समय कोहरा देखने को मिला। ग्वालियर, चंबल और सागर-रीवा संभाग के इलाकों में कोहरा अपेक्षाकृत घना रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई।
मौसम में बदलाव की वजह
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर तेज रफ्तार जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं, जिनकी गति लगभग 240 किमी प्रति घंटा है। यही वजह है कि ठंडी हवाओं का असर मध्यप्रदेश तक पहुंच रहा है। इसके अलावा 16 जनवरी से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ चुका है, जबकि 19 जनवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है।
बारिश की संभावना
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, यदि नया पश्चिमी विक्षोभ मजबूत रहा तो 20-21 जनवरी के बाद प्रदेश में बादल छाने और हल्की बारिश की स्थिति भी बन सकती है। इससे ठंड का असर कुछ हद तक कम या बढ़ भी सकता है। कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने-जाने वाली ट्रेनों पर भी असर पड़ा है। मालवा एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, पंजाब मेल और जनशताब्दी सहित करीब एक दर्जन ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं।
