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PNB एप अपडेट के नाम पर साइबर फ्रॉड, IITTM ग्वालियर के प्रोग्राम ऑफिसर से 1.72 लाख की ठगी

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Published On: 17 January 2026

ग्वालियर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM) में पदस्थ प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. विनय कुमार राय ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो गए। ठगों ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का एप अपडेट कराने का झांसा देकर उनके मोबाइल में फर्जी APK फाइल डाउनलोड करवा दी। इसके बाद उनके तीन अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1 लाख 72 हजार रुपए निकाल लिए गए।

डॉ. विनय कुमार राय ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल में PNB वन एप सही तरीके से काम नहीं कर रहा था। इसी परेशानी को लेकर उन्होंने बैंक से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट पर जाकर अपनी समस्या लिखी। कुछ ही समय बाद एक अनजान नंबर से उनके पास कॉल आया और खुद को बैंक से जुड़ा बताते हुए एप अपडेट कराने की बात कही गई।

IITTM ग्वालियर

ठग ने डॉ. राय को वॉट्सऐप पर एक फाइल भेजी और उसे एप का नया अपडेट बताते हुए तुरंत डाउनलोड करने को कहा। जल्दबाजी में डॉ. राय ने फाइल की जांच नहीं की और उसे डाउनलोड कर लिया। यह फाइल APK फॉर्मेट में थी, जो असल में उनके मोबाइल को हैक करने के लिए भेजी गई थी।

जैसे ही उन्होंने फाइल इंस्टॉल की, उनके मोबाइल से जुड़े चेतकपुरी और साडा ब्रांच के तीन बैंक खातों से लगातार ट्रांजैक्शन शुरू हो गए। कुछ ही मिनटों में एक एफडीआर से 1 लाख रुपए, आरडी खाते से 30 हजार रुपए और सेविंग अकाउंट से 42 हजार रुपए निकाल लिए गए। खाते से पैसे कटने के मैसेज आते ही उन्हें ठगी का अहसास हुआ।

पुलिस में शिकायत

घटना के तुरंत बाद डॉ. राय ने पंजाब नेशनल बैंक से संपर्क किया। बैंक अधिकारियों ने सुरक्षा के लिहाज से उनके खाते फ्रीज कर दिए और साइबर सेल व पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने एसपी ऑफिस स्थित साइबर सेल और थाटीपुर थाना पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान नंबर से भेजी गई APK फाइल को न खोलें। ऐसे फाइल्स के जरिए साइबर ठग मोबाइल का पूरा एक्सेस हासिल कर लेते हैं और बैंकिंग डिटेल्स चुराकर खातों से रकम उड़ा देते हैं।

जांच में जुटी साइबर सेल

फिलहाल पुलिस और साइबर सेल मामले की जांच कर रही है। कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल से जुड़े डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे हैं, ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके।

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