जबलपुर में यात्रियों की सुरक्षा और सुगम परिवहन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को परिवहन विभाग ने विशेष अभियान चलाया। “यात्री सुरक्षा और सुगम परिवहन” अभियान के तहत शहर और आसपास चल रहे यात्री वाहनों की फिटनेस की गहन जांच की गई। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर मैदान में उतरी विभागीय टीम ने कुल 40 यात्री वाहनों की जांच की, जिनमें से 12 वाहनों में गंभीर कमियां पाई गईं। नियमों के उल्लंघन पर इन सभी वाहनों की फिटनेस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई।
जांच के दौरान सामने आई सबसे गंभीर लापरवाही इमरजेंसी गेट से जुड़ी रही। कई यात्री बसों में आपातकालीन निकास द्वार पर सीटें लगाकर यात्रियों को बैठाया जा रहा था। यह न केवल मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की जान के लिए बड़ा खतरा भी बन सकता है। एआरटीओ संतोष पाल और उनकी टीम ने मौके पर ही इमरजेंसी गेट के पास लगी सीटों को हटवाया और बस मालिकों पर जुर्माना भी लगाया।
जबलपुर में 12 बसों की फिटनेस निरस्त
अभियान के दौरान यह भी पाया गया कि कई बसों में अनिवार्य अग्निशमन यंत्र तक उपलब्ध नहीं थे। विभागीय नियमों के अनुसार हर यात्री बस में फायर एक्सटिंग्विशर होना जरूरी है, ताकि आगजनी जैसी स्थिति में तुरंत बचाव किया जा सके। जांच में MP09-DW-1028, MP17-P-1951, CG19-F-0423, MP20-PA-2028, MP49-P-0592, MP20-ZL-4669, UP65-KT-1033, MP17-P-1440, MP17-P-0719, MP17-ZP-3111, MP20-PA-1986 और MP20-ZS-9563 सहित कुल 13 वाहनों में अग्निशमन यंत्र नहीं मिले।
मौके पर वसूला जुर्माना
इन गंभीर कमियों को देखते हुए परिवहन विभाग की टीम ने संबंधित बसों के परमिट मौके पर ही निरस्त कर दिए। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर बस संचालकों से जुर्माना भी वसूला गया। एआरटीओ संतोष पाल ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह परिवहन आयुक्त के निर्देशों के तहत की गई है और आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
इस विशेष जांच अभियान में संभागीय सुरक्षा स्क्वायड प्रभारी राजेंद्र साहू, परिवहन उप निरीक्षक अक्षय पटेल, एस.एन. भांगरे, शंकर प्रसाद झारिया और धीरेंद्र लोहिया सहित विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सतर्क रहने की अपील
परिवहन विभाग ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे बस में सफर के दौरान इमरजेंसी गेट, अग्निशमन यंत्र और अन्य सुरक्षा इंतजामों पर ध्यान दें। किसी भी लापरवाही की सूचना तत्काल परिवहन विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
