डायबिटीज सिर्फ शुगर की बीमारी नहीं, नसों को कर सकती है नुकसान; जानें मरीजों के लिए चेतावनी

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Published On: 19 January 2026

7डायबिटीज सिर्फ शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित कर सकती है, खासकर नसों को। इंस्टाग्राम पर वैस्कुलर सर्जन और वेरिकोज़ वीन स्पेशलिस्ट डॉ. सुमित कपाड़िया ने बताया कि डायबिटीज मरीज अक्सर कुछ गलतियां कर देते हैं, जो समय के साथ नसों को नुकसान पहुंचाती हैं और इससे धमनियों में ब्लॉकेज, पैरों में अल्सर जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

डायबिटीज के मरीजों को अपनी सेहत को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोग नियमित तौर पर ब्लड शुगर कंट्रोल, संतुलित आहार और डॉक्टर की सलाह को नजरअंदाज करते हैं, तो इससे नसों पर गंभीर असर पड़ सकता है और उनमें डैमेज हो सकता है।

डायबिटीज

डायबिटीज केवल शुगर बढ़ने की समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई अंगों और प्रणालियों को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सही इलाज और जीवनशैली में सुधार न करने पर यह हृदय, किडनी, आंखें और नसों पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को सिर्फ ब्लड शुगर पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य पर निगरानी रखना जरूरी है।

आम गलतियां

  • कई लोग सिर्फ अपने ब्लड शुगर नंबर जैसे फास्टिंग शुगर या HbA1c पर ध्यान देते हैं और सोचते हैं कि सब कुछ ठीक है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि उनकी धमनियां सुरक्षित हों। विशेषज्ञों के अनुसार, इंसुलिन रेजिस्टेंस, शरीर में सूजन और लिपिड डैमेज धीरे-धीरे नसों और हृदय को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • डायबिटीज के मरीज अक्सर पैरों में दर्द और थकान के कारण कम चलने लगते हैं, लेकिन शारीरिक गतिविधि की कमी ब्लड सर्कुलेशन को कमजोर कर सकती है, जिससे नसों और धमनियों को और अधिक नुकसान पहुँचने का खतरा बढ़ जाता है।
  • डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में कई मरीज अपने पैरों का ध्यान तब तक नहीं रखते जब तक गंभीर घाव या अल्सर नहीं हो जाते। हालांकि पैरों का रंग बदलना, सुन्नपन या दर्द जैसे शुरुआती लक्षण संकेत देते हैं कि पैरों की समय रहते जांच और देखभाल करनी जरूरी है।
  • डायबिटीज के मरीज अक्सर केवल तब दवा लेते हैं जब शरीर पर कोई लक्षण दिखाई देने लगते हैं, लेकिन अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव नहीं करते। विशेषज्ञों का कहना है कि कम नींद, असंतुलित आहार और लंबे समय तक बैठे रहने की आदतें नसों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, इसलिए दवा के साथ-साथ जीवनशैली में सुधार भी जरूरी है।
  • विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि केवल दर्द या समस्या शुरू होने पर ही डॉक्टर के पास जाना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। नसों और धमनियों में ब्लॉकेज अक्सर पहले ही शुरू हो जाता है। समय पर वैस्कुलर स्क्रीनिंग करवाने से ब्लॉकेज और नुकसान का पता लग सकता है और गंभीर समस्या बनने से पहले इलाज संभव हो जाता है।
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