उज्जैन-इंदौर के बीच लंबित यातायात सुधार के लिए एक बड़ी पहल शुरू की गई है। 45 मीटर चौड़ी 46 किमी लंबी सिक्स लेन सड़क इस वर्ष के अंत तक आंशिक रूप से पूरी होने की उम्मीद है। यह सड़क हरिफाटक ब्रिज से शुरू होकर अरबिंदो अस्पताल, इंदौर तक जाएगी। परियोजना की कुल लागत 1692 करोड़ रुपए है और अब तक इसका 45 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। एमपीआरडीसी के अनुसार, निर्माण की गति को तेज कर दिया गया है और दिसंबर 2026 तक परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक 8 किमी मार्ग तैयार हो चुका है और उस पर डामरीकरण का काम भी संपन्न हो चुका है। मार्ग में अलग-अलग स्थानों पर 8 फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं, ताकि यातायात निर्बाध और सुरक्षित रूप से संचालित हो सके। सड़क पर डिवाइडर, दोनों ओर सर्विस रोड और 70 बॉक्स कल्वर्ट भी बनाए जाएंगे।
उज्जैन-इंदौर मार्ग
सिक्स लेन बनने के बाद उज्जैन-इंदौर का सफर वर्तमान में लगने वाले एक से सवा घंटे के बजाय केवल 40–45 मिनट में पूरा हो सकेगा। सड़क बनने से सिंहस्थ-2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के लिए यातायात सुगम होगा। परियोजना में शामिल सभी फ्लाईओवर और सर्विस रोड ट्रैफिक के बोझ को कम करेंगे। एमपीआरडीसी का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान स्थानीय सुरक्षा और मार्ग व्यवस्थित रखी जाएगी।
स्थानीय और आर्थिक लाभ
सिक्स लेन सड़क बनने से उज्जैन-इंदौर मार्ग के 29 गांव सीधे जुड़ेंगे। इनमें 20 इंदौर और 9 उज्जैन जिले के हैं। इस कनेक्टिविटी के कारण व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आसपास की जमीनों के दाम में सुधार होगा। सड़क का निर्माण न केवल यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि क्षेत्रीय विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।
