ग्वालियर जिले के शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर बैठने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अब समाज के सेवाभावी नागरिक भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसी कड़ी में लोकनिर्माण विभाग से अधीक्षण यंत्री पद से सेवानिवृत एक वरिष्ठ नागरिक ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए सहयोग राशि प्रदान कर मिसाल पेश की है।
सेवानिवृत अधिकारी मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर रुचिका चौहान से मुलाकात कर बच्चों के लिए बैंच उपलब्ध कराने हेतु 50 हजार रुपये की सहयोग राशि सौंपी। यह राशि जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए बैंच की व्यवस्था में उपयोग की जाएगी, ताकि बच्चों को पढ़ाई के दौरान बेहतर सुविधा मिल सके।
ग्वालियर: नाम गोपनीय रखने का किया अनुरोध
सहयोग राशि सौंपने के बाद सेवानिवृत अधिकारी ने यह आग्रह भी किया कि उनका नाम मीडिया में प्रकाशित न किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सहायता किसी प्रचार के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दी गई है। उनका मानना है कि जरूरतमंद बच्चों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं देना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी नैतिक जिम्मेदारी है।
अखबारों से मिली प्रेरणा
वरिष्ठ नागरिक ने बताया कि उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से यह जानकारी मिली थी कि जिला प्रशासन सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए बैंच उपलब्ध करा रहा है। इसी पहल से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस पुनीत कार्य में योगदान देने का निर्णय लिया।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस सहयोग के लिए सेवानिवृत अधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के प्रयास समाज के अन्य सक्षम नागरिकों को भी प्रेरित करेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि आगे भी सेवाभावी लोग इस पहल में सहभागी बनेंगे, जिससे जिले के सभी शासकीय स्कूलों में बच्चों को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
किया गया आंकलन
जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के लिए आवश्यक बैंच की संख्या का आंकलन कर लिया गया है। प्रशासन के अनुसार, जिले भर में बैंच की व्यवस्था के लिए लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये की आवश्यकता है। एक बैंच की अनुमानित लागत करीब 2050 रुपये तय की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के विभिन्न वर्गों के सहयोग से अब तक लगभग 30 लाख रुपये की राशि एकत्र की जा चुकी है। चिन्हित वेंडर द्वारा बैंच निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है, जिससे जल्द ही स्कूलों में बच्चों को नई बैंच उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
बदलेगा सरकारी स्कूलों का स्वरूप
सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उम्मीद है कि आने वाले समय में और भी लोग इस अभियान से जुड़कर बच्चों के बेहतर भविष्य में योगदान देंगे।
