नीमच जिले में शासकीय जमीनों के संरक्षण और अवैध कब्जों को हटाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशन में प्रशासनिक अमला लगातार शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई कर रहा है। इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सरकारी भूमि के दुरुपयोग को रोकना है।अभियान के तहत गुरुवार को नीमच शहर के रावणरूंडी इलाके में राजस्व विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया।
एसडीएम संजीव साहू के मार्गदर्शन और तहसीलदार अजेंद्र नाथ प्रजापति के नेतृत्व में राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर शासकीय भूमि से अवैध निर्माण को हटाया। यह जमीन करीब 0.010 हेक्टेयर क्षेत्रफल की थी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग एक लाख रुपये बताई जा रही है।
नीमच में हटाया गया अतिक्रमण
तहसीलदार अजेंद्र नाथ प्रजापति के अनुसार, यह कार्रवाई नीमच नगर तहसील के बेदखली आदेश के तहत की गई। कस्बा नीमच सिटी के सर्वे नंबर 1558 में दर्ज शासकीय भूमि के एक हिस्से पर मकान बनाकर अतिक्रमण किया गया था। राजस्व विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को हटाया और जमीन को पुनः शासकीय नियंत्रण में ले लिया।
अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई में राजस्व विभाग के साथ नगर पालिका की टीम भी मौजूद रही। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए थे, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आगे भी इस तरह के अतिक्रमणों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस
जिला प्रशासन का कहना है कि शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जा न केवल सार्वजनिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं में भी बाधा बनता है। इसी कारण प्रशासन ने जिलेभर में ऐसे मामलों की पहचान कर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण से बचें और यदि कहीं अवैध कब्जा दिखे तो प्रशासन को सूचित करें।
अभियान आगे भी रहेगा जारी
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और जिले के अन्य क्षेत्रों में भी शासकीय जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सघन कार्रवाई की जाएगी। इस पहल को जिले में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक हित की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
