आज देश पूरे गर्व और उत्साह के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में भव्य समारोह आयोजित किया गया, जहां भारत की सैन्य शक्ति, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीकी प्रगति की शानदार झलक देखने को मिली। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आत्मनिर्भर और विकसित भारत के भविष्य का रोडमैप भी साझा किया।
आज पूरा देश गर्व और उत्साह के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राजधानी दिल्ली के ‘कर्तव्य पथ’ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में भव्य परेड के जरिए भारत की सैन्य ताकत, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीकी प्रगति का शानदार प्रदर्शन किया गया।
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को 26 जनवरी के अवसर पर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस दिन को भारत का “महापर्व” बताते हुए कहा कि यह हमारे संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति सम्मान और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पीएम मोदी ने सभी नागरिकों से एकजुट होकर देश की प्रगति, एकता और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह पर्व हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने साल 2047 तक भारत को एक ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह महापर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करे।
गणतंत्र दिवस हमारी स्वतंत्रता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सशक्त प्रतीक है। यह पर्व हमें एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है।
पारतन्त्र्याभिभूतस्य देशस्याभ्युदयः कुतः।
अतः स्वातन्त्र्यमाप्तव्यमैक्यं स्वातन्त्र्यसाधनम्॥ pic.twitter.com/i0XjjgL38x
— Narendra Modi (@narendramodi) January 26, 2026
कर्तव्य पथ पर हुआ भव्य परेड
इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर खास आकर्षण देखने को मिल रहा है, जहां यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए हैं। सुबह 10:30 बजे शुरू हुई भव्य परेड करीब 90 मिनट तक चलेगी, जिसमें भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता की झलक दिखाई जा रही है। परेड से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
गणतंत्र दिवस का महत्व
आज 26 जनवरी है, जो भारतीय इतिहास में खास दिन माना जाता है क्योंकि इसी दिन 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ और देश को ‘संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य’ घोषित किया गया। इस अवसर पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में देश की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन आधुनिक टैंकों, मिसाइल सिस्टम और जांबाज सैनिकों के मार्च-पास्ट के जरिए किया जाता है। साथ ही, विभिन्न राज्यों की झांकियों (Tableaux) भारतीय लोक कलाओं और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती हैं, और महिला सैन्य टुकड़ियों की भागीदारी नारी शक्ति का प्रतीक बनती है।
