पाकिस्तान में एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिंध प्रांत में देर रात रेलवे ट्रैक पर हुए शक्तिशाली बम धमाके के बाद पेशावर से क्वेटा जा रही जाफर एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। धमाका इतना जबरदस्त था कि ट्रेन के चार डिब्बे पटरी से उतर गए और रेलवे ट्रैक को भी भारी नुकसान पहुंचा। यह घटना जैकोबाबाद जिले में अबाद रेलवे स्टेशन के पास सुल्तानकोट और जैकोबाबाद के बीच हुई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गईं।
पाकिस्तान में एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिंध प्रांत में रेलवे ट्रैक पर हुए बम धमाके के कारण पेशावर से क्वेटा जा रही जाफर एक्सप्रेस हादसे का शिकार हो गई। धमाका इतना शक्तिशाली था कि ट्रेन के चार डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
पाकिस्तान में बम धमाका
पाकिस्तान में एक बड़े रेल हादसे ने सनसनी मचा दी है। रेलवे ट्रैक पर हुए भीषण बम धमाके के कारण जाफर एक्सप्रेस के कम से कम चार डिब्बे पटरी से उतरकर पलट गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में दहशत फैल गई और ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार शुरू हो गई। हादसे के बाद सुरक्षा एजेंसियां और राहत दल मौके पर पहुंच गए हैं, जबकि पूरे मामले की जांच की जा रही है।
टला बड़ा हादसा
अधिकारियों के अनुसार, जिस समय जाफर एक्सप्रेस में धमाका हुआ, उस वक्त ट्रेन की रफ्तार काफी कम थी, जिससे एक बड़े हादसे को टालने में मदद मिली। धमाके के कारण ट्रेन के कुछ डिब्बे जरूर पलट गए, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री की जान नहीं गई और न ही कोई घायल हुआ। हालांकि विस्फोट से रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके चलते इस रूट पर रेल यातायात प्रभावित हुआ। बताया जा रहा है कि धमाका ट्रेन की बिजली वाली वैगन के पास हुआ था, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई थी।
सिंध-बलूचिस्तान सीमा के पास हुई घटना
सिंध-बलूचिस्तान सीमा के पास एक संवेदनशील इलाके में हुए धमाके से एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों के मुताबिक जिस क्षेत्र में यह घटना हुई, वह पहले भी ऐसी वारदातों के लिए जाना जाता रहा है, जहां रेलवे ट्रैक और ट्रेनों को अक्सर निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आती रही हैं। धमाके के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया, आवाजाही पर रोक लगा दी गई और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
नहीं है पहली घटना
जाफर एक्सप्रेस पर हुआ ताज़ा हमला कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी यह ट्रेन कई बार उग्रवादी और अलगाववादी हमलों का निशाना बन चुकी है। बीते वर्ष ट्रेन के हाईजैक किए जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे, वहीं अलग-अलग मौकों पर बम धमाकों के जरिए इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिशें भी होती रही हैं। ताज़ा धमाके की जिम्मेदारी फिलहाल किसी संगठन ने नहीं ली है, हालांकि सुरक्षा एजेंसियां हर संभावित एंगल से मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं।
