MP के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार, 29 जनवरी को उज्जैन संभाग के मंदसौर जिले का दौरा करेंगे। इस अवसर पर वे जिले को करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात देंगे और प्रदेश के किसानों को भावांतर भुगतान योजना के तहत राशि का सिंगल क्लिक अंतरण करेंगे।
मल्हारगढ़ से मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के 7.10 लाख किसानों के खातों में कुल 1,492 करोड़ रुपए की राशि का अंतरण करेंगे। मंदसौर जिले में 27,500 किसानों ने कुल 47,283.03 टन उपज बेची, जिसके एवज में लगभग 43 करोड़ रुपए की भावांतर राशि जिले के किसानों को प्राप्त होगी।
MP ने किया मंदसौर का दौरान
मुख्यमंत्री मल्हारगढ़ में कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का शुभारंभ करेंगे। इसमें 51.91 करोड़ रुपए की लागत से मंदसौर-नीमच स्टेट हाईवे पर मल्हारगढ़ 4 लेन फ्लाईओवर का भूमिपूजन, 5.53 करोड़ रुपए की लागत से पिपलिया मंडी समपार रेलवे अंडर ब्रिज का भूमिपूजन और 2.06 करोड़ रुपए की लागत से मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन रोड पर पुल निर्माण का लोकार्पण शामिल है। ये कार्य क्षेत्र में यातायात सुविधा बढ़ाने और आमजन के आवागमन में सहजता लाने में सहायक होंगे।
भगवान पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 29 जनवरी को लगभग 25 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित भगवान पशुपतिनाथ लोक का भी लोकार्पण करेंगे। यह परियोजना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की है और श्रद्धालुओं के लिए अनेक सुविधाएं प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा ‘श्री पशुपतिनाथ लोक’ का लोकार्पण
🗓️29 जनवरी, 2026
📍#मंदसौर @DrMohanYadav51 @CMMadhyaPradesh @JansamparkMP @DharmendrLodhii @MPTourism @PROJSMandsaur #JansamparkMP pic.twitter.com/hyDFIQvZST— Religious Trusts & Endowments Department, MP (@TrustsReligious) January 29, 2026
इस धार्मिक स्थल में 22 फीट ऊंचा त्रिनेत्र स्थापित किया गया है, जो रुद्राक्ष भगवान शिव के त्रिनेत्र स्वरूप का आभास कराता है। श्रद्धालुओं के लिए एम्फीथिएटर, प्रतीक्षालय और चार प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। आपात स्थिति के लिए प्राथमिक चिकित्सा कक्ष भी उपलब्ध है। मंदिर परिसर में शिव लीलाओं पर आधारित म्यूरल वॉल और आकर्षक नक्काशी की गई है। इसके साथ ही पशुपतिनाथ महादेव प्रतिमा के इतिहास पर आधारित भव्य पेंटिंग बनाई गई है, जिससे श्रद्धालु पूरे परिसर का मनोरम दृश्य देख सकते हैं।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
इन कार्यों से मंदसौर जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार व अवसंरचना में सुधार होगा। साथ ही किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
