MP में चल रही मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण को लेकर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। पत्रकार वार्ता में उनके साथ मतदाता सूची प्रभारी ललित सेन और प्रदेश प्रवक्ता स्वदेश शर्मा उपस्थित थे।
श्री वर्मा ने बताया कि 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच प्रदेश भर में हजारों ऑनलाइन और ऑफलाइन आपत्तियाँ दर्ज की गईं लेकिन इन आपत्तियों का न तो निष्पक्ष निराकरण हुआ और न ही आपत्तिकर्ताओं को विधिसम्मत जानकारी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि कई जिलों में एक ही दिन में BLO द्वारा 50-50 फॉर्म भरे जाने की शिकायतें सामने आई हैं, जो स्पष्ट रूप से संगठित साजिश की ओर इशारा करती हैं।
MP में मतदाता सूची
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस को मिली जानकारी के अनुसार, एक ही पैटर्न और समान हैंडराइटिंग में बड़ी संख्या में आपत्तियाँ डाली गईं। नेरला विधानसभा क्षेत्र में अकेले 4,882 आपत्तियाँ इसी तरीके से दर्ज की गईं। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया संदेहास्पद है और लोकतंत्र के मूलभूत अधिकारों पर हमला है।
अल्पसंख्यक और आदिवासी प्रभावित
सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि आदिवासी, अल्पसंख्यक और विशेष वर्गों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में आदिवासी और मुस्लिम नामों पर चुन-चुनकर आपत्तियाँ डाली गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही व्यक्ति के नाम पर 50 से अधिक आपत्तियाँ, एक ही मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी से 30-50 मतदाताओं के नाम कटवाने के प्रयास किए गए।
आख़िर इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे कौन है?
SIR के नाम पर नागरिकों के वोट काटने की साज़िश कौन रच रहा है!
यह अब किसी से छुपा नहीं है, यह जगज़ाहिर है।लोकतंत्र में वोट नागरिक की पहचान और उसकी आवाज़ होता है। और जब उसी आवाज़ को योजनाबद्ध तरीके से दबाने की कोशिश की जाए, तो यह लोकतंत्र… pic.twitter.com/ev4X065ORH
— MP Congress (@INCMP) January 29, 2026
मांगें और समाधान
पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि Form-7 के माध्यम से की गई सभी आपत्तियों पर FIR दर्ज की जाए, समूह में डाली गई सभी आपत्तियों को तत्काल निरस्त किया जाए और ऑनलाइन-ऑफलाइन आपत्तियों का जिला-वार पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला मतदाता सूची के जरिए चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की सोची-समझी कोशिश है। कांग्रेस पार्टी इसे सड़क से लेकर न्यायालय तक उठाएगी।
