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महाकालेश्वर मंदिर में 6 से 15 फरवरी तक 10 दिवसीय शिव नवरात्रि महाउत्सव, विशेष तैयारियां

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Published On: 31 January 2026

उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में इस बार शिव नवरात्रि महा उत्सव 6 फरवरी से 15 फरवरी तक मनाया जाएगा। यह पर्व प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी भव्य एवं सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने उत्सव को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।

उत्सव की तैयारियों के अंतर्गत मंदिर के मुख्य शिखर की धुलाई, रंग-रोगन (पुताई), कोटितीर्थ कुंड की सफाई और आसपास के क्षेत्रों की व्यापक सफाई की जा रही है। इसके साथ ही 10 दिनों तक भगवान महाकाल का अलग-अलग स्वरूप में श्रृंगार और विशेष पूजन किया जाएगा।

6 फरवरी

पर्व की शुरुआत कोटेश्वर महादेव के पूजन-अर्चन से होगी। मुख्य पुजारी पं. घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मण देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना के साथ रूद्राभिषेक किया जाएगा।

7 से 10 फरवरी

7 फरवरी को भगवान महाकाल को नवीन वस्त्र पहनाकर श्रृंगारित किया जाएगा। 8 फरवरी को शेषनाग धारण कर अभिषेक और रूद्रपाठ होगा। 9 फरवरी को घटाटोप स्वरूप में और 10 फरवरी को छबीना स्वरूप में भगवान के दर्शन होंगे, जिसमें मुकुट, मुण्डमाल और फलों की माला का श्रृंगार किया जाएगा।

11 से 13 फरवरी

11 फरवरी को होलकर स्वरूप में, 12 फरवरी को मनमहेश और 13 फरवरी को उमा-महेश स्वरूप में भगवान महाकाल को भक्तों के दर्शन के लिए सजाया जाएगा। प्रत्येक दिन विशेष वस्त्र और श्रृंगार का आयोजन किया जाएगा।

14 फरवरी

शिव नवरात्रि के आठवें दिन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में भगवान शिव तांडव स्वरूप में भक्तों के दर्शन देंगे। इस दिन उन्हें वस्त्र, कुंडल, चंद्रमा, चांदी की नरमुंड और फलों की माला पहनाई जाएगी।

15 फरवरी

अंतिम दिन महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवलिंग पर दिनभर जल अर्पित किया जाएगा और भगवान महाकाल निराकार स्वरूप में दर्शन देंगे। इस दौरान करीब 44 घंटे तक दर्शन का सिलसिला जारी रहेगा।

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