बांग्लादेश में अवामी लीग से जुड़े दो नेताओं की अलग-अलग घटनाओं में हुई मौतों ने अंतरिम सरकार और देश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी नेताओं और परिजनों का आरोप है कि ये घटनाएं राजनीतिक दमन और लक्षित हिंसा का परिणाम हैं। चटगांव में अवामी लीग के वरिष्ठ नेता अब्दुर रहमान मिया (70) की जेल हिरासत में मौत हो गई। वे चटगांव सिटी अवामी लीग की वार्ड-24 (नॉर्थ अग्राबाद) इकाई के उपाध्यक्ष थे। परिजनों का कहना है कि मिया उन्नत फेफड़ों के कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे, इसके बावजूद उन्हें जमानत नहीं दी गई और न ही हिरासत के दौरान उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे उनकी हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उनकी मौत हो गई।
बांग्लादेश में अवामी लीग से जुड़े दो नेताओं की मौत ने देश की अंतरिम सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता की जेल में पर्याप्त इलाज न मिलने के कारण मौत हो गई, जबकि अवामी लीग के पूर्व छात्र नेता की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
बांग्लादेश में लोकतंत्र
बांग्लादेश में अवामी लीग के एक नेता की जेल में संदिग्ध हालात में मौत और एक छात्र नेता की नृशंस हत्या की खबरों ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन घटनाओं के बाद अंतरिम सरकार की कार्यशैली और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दलों और मानवाधिकार संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि राजनीतिक असहमति को दबाने के लिए दमनकारी कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, सरकार की ओर से जांच का आश्वासन दिया गया है, लेकिन इन घटनाओं ने देश में सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
हुई कैदी की मौत
बताया गया है कि 17 नवंबर 2025 को उन्हें उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वे नमाज अदा करने के लिए घर से निकल रहे थे और चलने में भी असमर्थ थे। पुलिस ने कोतवाली थाने में दर्ज एक मामले के तहत उन्हें हिरासत में लिया, जहां उनकी सेहत लगातार बिगड़ती चली गई और करीब तीन महीने बाद हिरासत में ही उनकी मौत हो गई। इस मामले में अब तक अधिकारियों की ओर से मौत के कारणों को लेकर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। वहीं दूसरी घटना नरसिंदी जिले की है, जहां 45 वर्षीय अज़ीमुल कादेर भुइयां का क्षत-विक्षत शव एक नाले से बरामद किया गया। पेशे से पोल्ट्री व्यवसायी अज़ीमुल पहले अवामी लीग की छात्र शाखा छात्र लीग से जुड़े रहे थे और तीन दिन से लापता थे। उनकी हत्या से पार्टी समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
लगाए गंभीर आरोप
अवामी लीग नेताओं ने आरोप लगाया कि इस हत्या के पीछे जमात-ए-इस्लामी से जुड़े तत्वों की भूमिका हो सकती है और अंतरिम सरकार ने दंडमुक्ति का माहौल बना दिया है। वहीं पुलिस ने फिलहाल किसी राजनीतिक साजिश की पुष्टि से इनकार करते हुए कहा है कि मामले की जांच जारी है। इन घटनाओं के बाद विपक्षी दलों और मानवाधिकार संगठनों ने मनमानी गिरफ्तारियों, हिरासत में मौतों और बढ़ती राजनीतिक हिंसा पर गंभीर चिंता जताई है। साथ ही स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है, ताकि दोषियों की जिम्मेदारी तय हो सके और देश में कानून का राज बहाल किया जा सके।
